बूंदी जिले में स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (आरवीटीआर) क्षेत्र का ऐतिहासिक रामगढ़ महल जल्द ही नए स्वरूप में दिखेगा। इस प्राचीन विरासत को उत्कृष्ट पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। महल के कायाकल्प और जीर्णोद्धार पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सोमवार को जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें रामगढ़ महल के रिनोवेशन कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने बताया कि महल के जीर्णोद्धार से टाइगर रिजर्व में ईको-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे रामगढ़ महल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बैठक में आरवीटीआर के डीएफओ अरुण कुमार डी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश देव, उपखण्ड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीना और संग्रहालयाध्यक्ष जगदीश सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।