भरतपुर के मोती महल गेट तोड़ने के मामले में गिरफ्तार मनुदेव सिनसिनी को 28 अप्रैल को नदबई से पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 1 दिन की रिमांड मिली। रिमांड के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े मोबाइल और अन्य पहलुओं पर पूछताछ की। अब रिमांड पूरी होने के बाद आज फिर से उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कार्रवाई पर निर्णय होगा। झंडा विवाद से जुड़ा है मामला मोती महल पर युद्ध ध्वज और रियासतकालीन ध्वज को लेकर विवाद हुआ था। 19 सितंबर 2025 को समाज की ओर से पंचायत कर मोती महल पर रियासतकालीन झंडा लगाने का एलान किया गया था। 21 सितंबर को तोड़ा गया गेट 21 सितंबर 2025 को शहर और बॉर्डर क्षेत्रों में पुलिसबल तैनात किया गया था। इसी दिन देर रात मनुदेव सिनसिनी ने अपनी कार से मोती महल के पीछे का गेट तोड़ दिया। इस पूरी घटना का लाइव प्रसारण उसने अपने सोशल मीडिया पेज पर किया था। एफआईआर में 8 नाम शामिल घटना के बाद 22 सितंबर को मथुरा गेट थाने में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें कुल 8 लोगों के नाम शामिल किए गए थे। 7 महीने बाद हुई गिरफ्तारी पुलिस ने घटना के करीब 7 महीने बाद 28 अप्रैल को मनुदेव सिनसिनी को नदबई से गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश करने पर पुलिस ने 3 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने 1 दिन की रिमांड ही मंजूर की। मोबाइल बरामदगी और अन्य जांच जारी रिमांड के दौरान पुलिस ने बताया कि जिस मोबाइल से वीडियो बनाया गया था, वह अभी तक बरामद नहीं हुआ है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना के लिए मनुदेव को किसने उकसाया था। आज फिर कोर्ट में होगी पेशी 1 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद आज मनुदेव सिनसिनी को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान पुलिस दोबारा रिमांड मांग सकती है या कोर्ट बेल या जेल को लेकर फैसला कर सकता है।