भरतपुर की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और राज्य महिला आयोग से न्याय की गुहार लगाई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से उन पर और उनके परिवार पर लगातार शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है, धमकियां दी जा रही हैं। खिलाड़ियों ने मामले में जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिला क्रिकेट संघ सचिव की ओर से मिल रही धमकियां महिला खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) और पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद से जिला क्रिकेट संघ सचिव की ओर से लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और भविष्य खराब करने की धमकियां दिलाई जा रही हैं। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि सिलेक्शन और क्रिकेट खिलाने का झांसा देकर उनके साथ और दूसरी खिलाड़ियों के साथ बार-बार यौन और मानसिक शोषण किया गया। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की जानकारी पहले ही आरसीए को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। इसी कारण आज हमने मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और महिला आयोग से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग महिला खिलाड़ियों ने कहा कि हमें प्रताड़ित करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो इससे न केवल पीड़ित खिलाड़ियों को न्याय मिलने में देरी होगी, बल्कि भरतपुर के उभरते क्रिकेटरों का भविष्य भी प्रभावित होगा। उन्होंने मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। शिकायत में खिलाड़ियों ने जिला क्रिकेट संघ भरतपुर के कामकाज पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि संघ में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जिला क्रिकेट संघ भरतपुर के सचिव ने आरोपों को बताया बेबुनियाद उन्होंने दावा किया कि राजस्थान के बाहर के खिलाड़ियों के कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें जिला टीम से खिलाया जाता है। इसके अलावा दूसरे जिले के खिलाड़ियों से मोटी रकम लेकर उन्हें भरतपुर जिले से एनओसी खिलाड़ी के तौर पर खिलाया जाता है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता खिलाड़ियों की ओर से लगाए गए हैं। जिन्हें जिला क्रिकेट संघ भरतपुर के सचिव शत्रुघन तिवारी ने बेबुनियाद बताया है।