महिलाओं को राजनिति में आरक्षण दिलाने के मुद्दे पर कांग्रेस–भाजपा में सियासत तेज हो गई है। भीलवाड़ा में महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा महिला बिल पर देशभर में भ्रम फैला रही है, जबकि कांग्रेस तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाना चाहती है। महिलाओं को आरक्षण कांग्रेस की देन कांग्रेस के राष्टीय सचिव धीरज गुर्जर भीलवाड़ा सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा–आज का दिन राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। कांग्रेस सरकार ने तो 34 साल महिलाओं को पंचायतों में 33% आरक्षण दिया था। इससे पहली बार लाखों महिलाएं राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बनीं। आज कई राज्यों में यह आरक्षण बढ़ाकर 50% तक किया जा चुका है। भाजपा बिल से चाहती राजनीतिक लाभ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष और जिला प्रभारी नसीम अख्तर इंसाफ़ ने महिला आरक्षण पर कहा– देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी अभी भी सीमित है। लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 14–15% के आसपास है। उन्होंने कहा कि साल 2023 में संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया था। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। लेकिन भाजपा महिला आरक्षण बिल से जनगणना और परिसीमन को जोड़कर राजनीतिक लाभ चाहती थी, जिसे विपक्ष ने रोक दिया। अब हम गांव-गांव जाकर महिलाओं को इस बिल के बारे में जागरूक करेंगे। लोकतंत्र में सच्चाई सामने लाना जरूरी भीलवाड़ा शहर जिला कांग्रेस कमेटी कमेटी अध्यक्ष शिवराम जी.पी. खटीक ने कहा–लोकतंत्र में सच्चाई को सामने लाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समान भागीदारी के लिए संघर्ष करती रहेगी। इस दौरान पूर्व सभापति मंजू पोखरना,पीसीसी सदस्य राजेश चौधरी, मोहम्मद याकूब, मनोज पालीवाल, महिला कांग्रेस (शहर) जिला अध्यक्ष रेखा हिरण,अनिता पहाड़िया, योगिता सुराणा, दीपमाला लोट, कुणाल ओझा, नवरत्न जैन, सत्यवीर सिंह, मोहम्मद हारून रंगरेज, गोपाल खटीक मौजूद रहे।