भीलवाड़ा में एडवोकेट द्वारा महिला के साथ रेप और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। कोर्ट परिसर में जान-पहचान बढ़ाकर आरोपी ने न केवल पीड़िता का शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसे डरा-धमकाकर लाखों रुपए के गहने और नकदी भी ऐंठ लिए। मामले में अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ने आरोपी को 7 साल के कठोर कारावास और 51 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। केस में मदद और शादी का झांसा देकर जीता भरोसा दर्ज मामले के अनुसार पीड़िता का पिछले दो सालों से कोर्ट में एक मामला चल रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी एडवोकेट से हुई। आरोपी ने केस में मदद करने और शादी करने का झांसा देकर महिला का विश्वास जीता। आरोप है कि वर्ष 2016 में आरोपी महिला के घर पहुंचा और उसे मंदिर का ‘प्रसाद’ खिलाया। प्रसाद खाने के बाद महिला बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया और न्यूड वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करता रहा शोषण पीड़िता ने बताया कि आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। आरोपी ने अपने भाई की शादी का हवाला देकर महिला से एक लाख रुपए नकद और सोने के आभूषण भी ले लिए। बाद में उसने ये गहने अपने भाई की पत्नी को चढ़ा दिए। जब पीड़िता ने अपने पैसे और गहने वापस मांगे तो आरोपी और उसके परिजनों ने उसे डराया-धमकाया और मारपीट की। एफएसएल जांच में आरोप प्रमाणित, हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत पुलिस और एफएसएल जांच में आरोपी एडवोकेट के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित पाए गए। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन राहत नहीं मिलने पर उसे सरेंडर करना पड़ा। जांच में सहयोग नहीं कर रहा था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी कानून का जानकार होने के कारण जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। उसने वह मोबाइल भी बरामद नहीं करवाया, जिससे वीडियो बनाए गए थे। अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप तय करते हुए 7 साल का कठोर कारावास और 51 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।