भीलवाड़ा के होटल लैंडमार्क ट्रेवल्स एरिया में परिवहन विभाग ने लग्जरी और स्लीपर बसों की जांच की। जांच के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलने पर तीन बसों को मौके पर सीज कर दिया गया, जबकि एक बस का चालान बनाया गया। इस कार्रवाई से ट्रेवल्स संचालकों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर बुधवार शाम को की गई। इमरजेंसी गेट नहीं खुले, कई बसों में मिलीं गंभीर खामियां जांच के दौरान कई बसों में सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। कुछ बसों के इमरजेंसी एग्जिट ठीक से काम नहीं कर रहे थे और कई कोशिशों के बाद भी नहीं खुले। कुछ बसों में यात्रियों के साथ भारी सामान और लोहे की रॉड भी ले जाई जा रही थी, जिससे हादसे का खतरा बढ़ सकता था। इसके अलावा कई वाहनों के जरूरी दस्तावेज, बीमा और अन्य कागजात भी पूरे नहीं मिले। इन्हीं अनियमितताओं के आधार पर तीन बसों को सीज किया गया और एक बस का चालान बनाया गया। दौसा बस अग्निकांड के बाद शुरू हुआ विशेष अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया कि दौसा में हुए बस अग्निकांड के बाद राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला स्तर पर परिवहन विभाग, पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बनाकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन बसों में सरकार की तय एसओपी और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक महीने तक लगातार चलेगी जांच जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी ने बताया कि जिले में बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है, इसलिए नियमित जांच जरूरी है। जिन बसों में बीआईएस मानकों या अन्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ चालान, सीज सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह विशेष अभियान अगले एक महीने तक लगातार चलेगा। ये अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) डॉ. हरितिमा, जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी, गांधीनगर थाना प्रभारी पुष्पा कांसोटिया सहित परिवहन, पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।