भीलवाड़ा में अवैध अफीम डोडा-चूरा तस्करी के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वर्ष 2021 में मांडल थाना पुलिस ने पिकअप से 301 किलो 435 ग्राम अफीम डोडा-चूरा बरामद किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 11 गवाहों के बयान और 138 दस्तावेज पेश किए, जिसके आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया गया। मुखबिर की सूचना पर की नाकाबंदी मामला 11 फरवरी 2021 का है। तत्कालीन मांडल थानाधिकारी राजेंद्र को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक पिकअप में अवैध अफीम डोडा-चूरा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर मांडल पुलिस ने चौकी चौराहे पर नाकाबंदी की। इस दौरान पिकअप को रोककर चालक से पूछताछ की गई। उसने अपना नाम रंगलाल पुत्र भैंरुसिंह उर्फ भैंरुलाल रावत निवासी बलिया खेड़ा, थाना छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ बताया। पिकअप से 301 किलो से ज्यादा डोडा-चूरा मिला पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो उसमें प्लास्टिक के 14 कट्टों में भरा 301 किलो 435 ग्राम अफीम डोडा-चूरा मिला। पुलिस ने मौके पर रंगलाल को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि पिकअप का मालिक कालूराम पुत्र बजेराम निवासी नटेला, थाना धारियाबाद, जिला प्रतापगढ़ है। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया और जांच पूरी होने पर दोनों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। एनडीपीएस कोर्ट ने दोनों को दोषी माना मामले की सुनवाई के बाद एनडीपीएस एक्ट के विशिष्ट न्यायाधीश ने रंगलाल और कालूराम को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों को 20-20 साल के कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने दोष सिद्ध करने के लिए कोर्ट में 11 गवाह और 138 दस्तावेज पेश किए।