भीलवाड़ा के मांडल उपजिला अस्पताल के अस्पताल प्रभारी (PMO) डॉ. सुरेश गजराज, उनकी पत्नी डॉ. शालिनी मौर्य और दो बच्चों की मौत हो गई। उनकी कार कवाई थाना क्षेत्र में कवाई-अटरू हाईवे पर मंगलवार सुबह भारी वाहन से टकरा गई। पेट्रोल पंप के पास कार और बलकर की तेज भिड़ंत में उनकी कार के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया। दंपती के शव कार में फंस गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से चारों को बाहर निकालकर अटरू हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां चारों को मृत घोषित कर दिया गया। बर्थडे पार्टी में शामिल होकर लौट रहे थे जानकारी के अनुसार- मूलरूप से सूरजगढ़, झुंझुनूं निवासी और वर्तमान में जयपुर में रहने वाले डॉ. सुरेश गजराज अपनी पत्नी डॉ. शालिनी मौर्य और दोनों बच्चों के साथ 19 सितंबर को बारां आए थे। परिवार अपने साले के बच्चे के जन्मदिन समारोह में शामिल हुआ था। मंगलवार सुबह परिवार कार से जयपुर लौट रहा था। इसी दौरान कवाई-अटरू हाईवे पर पेट्रोल पंप के पास कार की बलकर से भिड़ंत हो गई। हादसे में डॉ. सुरेश, डॉ. शालिनी और उनके दोनों बच्चों स्वपनिल व निलिशा की मौत हो गई। 4 साल से मांडल में दे रहे थे सेवाएं डॉ. सुरेश गजराज और डॉ. शालिनी मौर्य पिछले करीब चार वर्षों से भीलवाड़ा जिले के मांडल उपजिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे थे। डॉ. सुरेश अस्पताल प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। दोनों चिकित्सकों की एक साथ मौत की खबर से मांडल और चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। कार के परखच्चे उड़े कार का अगला हिस्सा पूरी तरह डैमेज प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दंपती कार के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही कवाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से चारों को कार से बाहर निकालकर अटरू अस्पताल ले जाया गया। डॉ. सुरेश और डॉ. शालिनी की हादसे में मौत की सूचना मांडल पहुंचते ही उपजिला अस्पताल के चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मचारियों में शोक छा गया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से क्षेत्र में गमगीन माहौल है। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।