भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में 8 प्रसूताओं सहित 9 महिलाओं की मौत के मामले में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा- सरकार मामले की जड़ तक पहुंचना चाहती है। जांच होने के बाद पूरी रिपोर्ट देंगे। अस्पताल से डॉक्युमेंट्स लिए गए हैं, इससे पहले एक्सपर्ट्स की टीमें भी यहां आकर गई हैं। जिला कलेक्टर भी मामले की निगरानी कर रहे हैं और सरकार हर पहलू की जांच कर रही है। मंत्री खींवसर मंगलवार को MG अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल निरीक्षण के बाद उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में प्रसूताओं की मौत से जुड़े मुद्दों पर अपडेट ली। इस दौरान जांच से जुड़ी रिपोर्ट और अस्पताल में अपनाई गई प्रक्रियाओं की जानकारी भी ली गई। हम मामले को गंभीरता से ले रहे मीडिया से बात करते हुए खींवसर ने कहा- सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। जयपुर से विशेषज्ञों की टीम जांच के लिए भीलवाड़ा पहुंची थी। इसके साथ ही वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं और घटनाक्रम की जांच की है। अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट्स और डॉक्युमेंट्स मांगे हैं। इनमें ऑपरेशन थिएटर को कब बंद किया गया, उसका कल्चर कब लिया गया। वैकल्पिक (ऑप्शनल) ओटी में डिलीवरी हुई या नहीं, जैसे बिंदुओं से संबंधित जानकारी शामिल है। अपने दौरे पर चिकित्सा मंत्री खींवसर ने महात्मा गांधी अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया। इसके बाद वे मातृ एवं शिशु इकाई पहुंचे, जहां उन्होंने ऑपरेशन थिएटर (ओटी), आईसीयू और अन्य वार्डों की व्यवस्थाएं देखीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा अधिकारियों से व्यवस्थाओं और इलाज संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी ली। इस दौरान पीएमओ डॉ. अरुण गौड़, सीएमएचओ डॉ. संजीव शर्मा, मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. पूजा खराडे सहित विभिन्न विभागों के एचओडी और वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे। ये खबर भी पढ़िए… 'मां नहीं आएगी तब तक खाना नहीं खाऊंगी':नवजात भाई लगातार रो रहा; पिता बोले- पत्नी की हॉस्पिटल की लापरवाही से मौत, कहां से लाऊं भीलवाड़ा शहर का मंगलपुरा इलाका। यहां रहने वाले मनीष के घर के बाहर तक रोने की आवाज आ रही हैं। आवाज दो मासूमों की है। एक ही उनकी चार साल की बेटी और दूसरा है हफ्तेभर पहले जन्म उनका बेटा। पूरी खबर पढ़े…