भीलवाड़ा साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर्ड अकाउंटेंट से 32 लाख 75 हजार रुपए की ठगी करने वाले हिस्ट्रीशीटर को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को सीबीआई जज और पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया-धमकाया। अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने आरोपी के विभिन्न बैंक खातों में जमा 16 लाख 36 हजार 153 रुपए होल्ड करवाए हैं। साथ ही कोर्ट से आदेश जारी करवाकर 13 लाख 46 हजार 153 रुपए पीड़ित को रिफंड कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अश्लील मैसेज भेजने के नाम पर बुजुर्ग को फंसाया साइबर थाना प्रभारी रामशरण ने बताया - संजय कॉलोनी निवासी प्रहलाद राय सोडाणी ने 14 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रहलाद राय वर्ष 2010 में भीलवाड़ा डेयरी से अकाउंटेंट पद से रिटायर्ड हुए थे। उन्होंने बताया कि 27 मार्च को उनके मोबाइल नंबर पर कॉल आया, जिसमें कहा गया कि उनके आधार कार्ड से मुंबई में एक सिम कार्ड जारी हुआ है। उस सिम से लड़कियों को अश्लील मैसेज भेजे गए हैं। वीडियो कॉल पर खुद को CBI जज और पुलिस अधिकारी बताया इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप वीडियो कॉल करना शुरू कर दिया। वीडियो कॉल पर खुद को सीबीआई जज और पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया गया। आरोपियों ने 7 अप्रैल को उनके खाते से 22 लाख 50 हजार रुपए और 10 अप्रैल को उनकी पत्नी की एफडी तुड़वाकर 10 लाख 25 हजार रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। टेक्निकल जांच के बाद गुरुग्राम से पकड़ा आरोपी मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने टेक्निकल जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान गुरुग्राम निवासी अनिल कुमार उर्फ नन्हे के रूप में हुई। विशेष टीम ने कई जगह दबिश देकर आरोपी को डिटेन कर गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ गुरुग्राम सेक्टर-9 पुलिस थाने में 15 मामले दर्ज हैं। आरोपी से पूछताछ जारी, कई खुलासों की उम्मीद फिलहाल पुलिस आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। आशंका है कि आरोपी ने इसी तरह कई अन्य लोगों को भी डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी की हो सकती है। आरोपी को पकड़ने वाली टीम में साइबर थाना इंचार्ज रामचरण, कॉन्स्टेबल बाबूलाल, प्रभुराम और प्रवीण शामिल रहे।