फार्म पोण्ड (खेत तलाई) निर्माण योजना किसानों के लिए वर्षा जल संरक्षण और उसके कुशल उपयोग को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों में फार्म पोण्ड बनाने पर आकर्षक अनुदान मिल रहा है, जिससे खेती की उत्पादकता और आय में वृद्धि हो रही है। संयुक्त निदेशक कृषि दिनेश कुमार झा ने बताया कि इस योजना का लाभ जिले के सभी श्रेणी के उन किसानों को दिया जा रहा है, जिनके पास एक स्थान पर न्यूनतम 0.3 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व है। 73,500 रुपए तक का मिलता है अनुदान कच्चे फार्म पोण्ड के निर्माण के लिए लघु एवं सीमांत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के किसानों को इकाई लागत का 70 प्रतिशत या अधिकतम 73,500 रुपए का अनुदान मिलता है। अन्य श्रेणी के किसानों को 60 प्रतिशत या अधिकतम 63,000 रुपए का अनुदान देय है। इसी प्रकार प्लास्टिक लाइनिंग युक्त फार्म पोण्ड के निर्माण पर लघु एवं सीमांत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के किसानों को 90 प्रतिशत या अधिकतम 1,35,000 रुपए का अनुदान दिया जाता है। अन्य किसानों के लिए यह अनुदान 80 प्रतिशत या अधिकतम 1,20,000 रुपए तक है। ब्यावर में 178 फार्म पोण्ड का हुआ निर्माण झा ने बताया कि ब्यावर जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 178 फार्म पोण्ड का निर्माण किया जा चुका है। इससे जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की सिंचाई सुविधाओं में भी महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। बलूपुरा निवासी लाभार्थी आसुराम मेघवाल ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने खेत में उद्यान विकसित करने के लिए पानी की व्यवस्था हेतु फार्म पोण्ड बनवाया। उन्हें इस योजना के तहत सरकारी अनुदान मिला, जिससे यह कार्य आसानी से पूरा हो सका। मेघवाल ने कहा कि इस पहल से उन्हें आर्थिक लाभ होगा और वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अन्य किसानों से भी ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने और जल संरक्षण में भागीदार बनने की अपील की।