बीकानेर में नृसिंह चतुर्दशी पर गुरुवार शहर के अनेक मंदिरों के आगे मेले भरेंगे। हर कहीं नृसिंह अवतार निकलेंगे। हिरण्यकश्यप के वध का मंचन होगा और प्रहलाद भगवान की स्तुति होगी। शहर में डागा चौक और लखोटियों चौक में नृसिंह लीला के साथ ही सबसे बड़ा मेला भरता है। इसके अलावा लालाणी व्यासों के चौक में भी बड़ा मेला लगता है। नृसिंह मेले के दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग इन मंदिरों के आगे खड़े रहते हैं। भगवान नृसिंह का आशीष दिलाने के लिए छोटे व नवजात बच्चों को लेकर लोग पहुंचते हैं। नृसिंह अवतार का बच्चों को स्पर्श मात्र करवाने के लिए लोग घंटों खड़े रहते हैं। आस्था इतनी है कि भरी गर्मी में भी लोग पूरे जोश के साथ मेले में हिस्सा लेते हैं। डागा चौक में सौ साल से नृसिंह अवतार बीकानेर के परकोटे में बसे डागा चौक में इस बार नृसिंह लीला शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। इसके तहत नृसिंह लीला के साथ ही कई आयोजन होंगे। भगवान नृसिंह के अवतार लेने के बाद से दूसरे दिन एक मई तक यहां 100 से अधिक व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। लखोटिया चौक में बड़ा मेला भरेगा डॉ. चंद्रशेखर श्रीमाली बताते हैं कि लखोटिया चौक में सुबह 4 बजे 151 किलो पंचामृत से अभिषेक होगा। शाम को नृसिंह लीला होगी। लखोटिया चौक में आपसी सहमति से पात्रों का चयन होगा। डागा चौक में पात्र अष्ट धातु से बने मुखौटे पहनेंगे। लखोटिया चौक में मुल्तान की मिट्टी से बने मुखौटे पहने जाएंगे। आयोजन से जुड़े योगेश श्रीमाली बताते हैं कि लखोटिया चौक मात्र एक ऐसा मंदिर है जहां हिरण्यकश्यप की भी आरती उतारी जाती है। ऐसा इसलिए क्यों पात्र भगवान के सामने हिरण्यकश्यप बनने से पहले आशीर्वाद लेना चाहता है। लखोटिया चौक ट्रस्ट के सचिव बलभद्र व्यास बताते हैं भगवन नृसिंह के अवतार के बाद भक्तों में पंचामृत वितरित किया जाएगा।