राजस्थान सरकार ने बालिका सैनिक स्कूलों के लिए सालाना फीस करीब डेढ़ लाख रुपए तय कर दी है। शिक्षा विभाग ने 9 अप्रैल 2026 को आदेश जारी कर फीस संरचना लागू की और एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी। आय के आधार पर ट्यूशन फीस में छूट का प्रावधान रखा गया है। इससे पहले परीक्षा के समय फीस स्पष्ट नहीं थी, जिसे अब घोषित किया गया है। हालांकि, आय कम है तो फीस में छूट भी मिल सकती है लेकिन इसके बाद भी सालाना खर्च करीब एक लाख रुपए के आसपास ही होगा। फीस का पूरा ब्रेकअप सैनिक स्कूल में ट्यूशन फीस 50 हजार रुपए, हॉस्टल फीस 50 हजार रुपए और डाइट फीस 40 हजार रुपए तय की गई है। इसके अलावा क्लोथिंग 2000 रुपए, कॉशन मनी 3000 रुपए और इंसीडेंटल फीस 5000 रुपए रखी गई है। कुल मिलाकर सालाना फीस 1,50,000 रुपए तय की गई है। आय के आधार पर छूट ऐसे तय हुई फीस 6 फरवरी 2026 को जयपुर में बैठक कर फीस निर्धारण की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा निदेशक को सौंपी गई। इसके बाद संयुक्त निदेशक बीकानेर कार्यालय ने प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा, जहां से मंजूरी ली गई। 6 अप्रैल 2026 को शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर ने छूट से संबंधित आदेश जारी किए। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने 9 अप्रैल 2026 को शाम 7.52 बजे अंतिम आदेश जारी किए। स्टेट लेवल एग्जाम से एडमिशन राजस्थान के बालिका सैनिक स्कूलों में एडमिशन के लिए पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, बीकानेर ने स्टेट लेवल एग्जाम कराया। यह परीक्षा 8 मार्च 2026 को आयोजित की गई, जो राज्य स्तर पर परीक्षा कराई गई। इस एग्जाम में पास छात्राओं का सिलेक्शन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। जबकि, पारंपरिक सैनिक स्कूल रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित होते हैं और यहां एडमिशन के लिए अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) पास करना जरूरी होता है, जो NTA कराती है। इस परीक्षा का संचालन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करती है। कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए निर्धारित आयु सीमा, आरक्षण नियम और स्कॉलरशिप की जानकारी होना जरूरी है। 12,779 आवेदन, 9819 ने दी परीक्षा इस परीक्षा के लिए कुल 12,779 छात्राओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 9819 छात्राएं शामिल हुईं। परीक्षा 41 जिलों में आयोजित की गई। यह परीक्षा बीकानेर के जैमलसर और सीकर के रलावता स्थित स्कूलों में कक्षा 6 में एडमिशन के लिए हुई। 160 सीटें, 320 छात्राएं शॉर्टलिस्ट दोनों स्कूलों में 80-80 सीटें हैं, यानी कुल 160 सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा। अप्रैल 2026 में जारी रिजल्ट में 320 छात्राओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के बाद फाइनल एडमिशन दिए जाएंगे। रिजल्ट के बाद बताई गई फीस बालिका सैनिक स्कूलों में एडमिशन के लिए पहले परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन उस समय फीस स्पष्ट नहीं की गई थी। अब फीस घोषित होने के बाद सामान्य परिवारों के लिए खर्च बढ़ने की बात सामने आई है। एडमिशन प्रक्रिया जारी संयुक्त निदेशक सुनीता चावला के अनुसार स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया जारी है और सरकार द्वारा तय फीस के अनुसार ही प्रवेश दिए जाएंगे। प्रवेश प्रक्रिया जारी संयुक्त निदेशक सुनीता चावला के अनुसार स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया जारी है और सरकार द्वारा तय फीस के अनुसार ही प्रवेश दिए जाएंगे। पढ़ाई के साथ फिजिकल ट्रेनिंग पर फोकस सैनिक स्कूलों में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेलकूद, फिजिकल ट्रेनिंग और कैरेक्टर डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया जाता है। इन स्कूलों को भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अधिकारियों की तैयारी का प्रमुख माध्यम माना जाता है, जहां से स्टूडेंट्स आगे NDA और INA जैसी संस्थाओं की ओर बढ़ते हैं।