राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी दल जनादेश का अपमान कर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। यह लोकतंत्र पर प्रहार और देश को अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कथित झूठ और दुष्प्रचार को उजागर करने के लिए भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया है। देवासी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और अपात्र नामों की पहचान करना है। 12 बार हो चुका एसआईआर, 10 बार कांग्रेस की सरकार देवासी ने कहा कि देश में पहले 12 बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें 10 बार कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने बताया कि 24 जून 2025 से अब तक करीब 2.37 करोड़ नए युवा मतदाताओं के नाम जुड़े हैं। मतदाता सूची में 17.38 करोड़ युवा मतदाता हैं और हर महीने करीब 20 लाख युवा मतदाता जुड़ रहे हैं। 13 करोड़ नाम काटने का दावा बताया दुष्प्रचार देवासी ने विपक्ष के 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटने के दावे को दुष्प्रचार बताया। उन्होंने कहा कि दो दशक से अधिक समय बाद हुए पुनरीक्षण में 2.80 करोड़ मृत मतदाता, 6.3 करोड़ स्थान बदल चुके मतदाता, एक करोड़ दो जगह दर्ज नाम और तीन करोड़ ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए, जिनकी जानकारी नहीं मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन लोगों के नाम हटाए नहीं गए, बल्कि जांच के लिए चिह्नित किए गए हैं। बीएलओ और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी प्रक्रिया में शामिल राज्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में 20 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) शामिल हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए दावा, आपत्ति और अपील की कानूनी व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि मृत, स्थान बदल चुके, दो जगह दर्ज और भारतीय नागरिक नहीं होने वाले लोगों के नामों की जांच जरूरी है। साल में चार बार जुड़वा सकते हैं मतदाता सूची में नाम देवासी ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाने की स्वतंत्रता है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और सार्वजनिक जीवन को बाधित करने की अनुमति नहीं है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अब साल में चार अवसर मिलते हैं। इसके लिए 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर की तारीखें निर्धारित हैं। कांग्रेस से उठाए सवाल देवासी ने कहा कि कांग्रेस एक राज्य में हार को वोट चोरी और जीत को जनादेश कैसे मान सकती है? मतदाता सूची तैयार करने में सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका रहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस विदेशी घुसपैठियों, मृतकों और स्थान बदल चुके मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखना चाहती है? उन्होंने चीन के साथ कांग्रेस के कथित समझौते, अराजक संगठनों के साथ कथित रेड-ग्रीन गठजोड़ में नाम आने और पूर्व में हुए एसआईआर पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट करने की मांग भी की। इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नारायण देवासी, जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री, जिला उपाध्यक्ष हेमलता पुरोहित, मंडल अध्यक्ष चिराग रावल, प्रताप परमार, शैतानसिंह सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।