कोटा के लाडपुरा से भाजपा विधायक कल्पना देवी वन विभाग के कर्मचारियों पर भड़क गईं। विधायक ने कहा- जो अवैध काम हो रहा है, वह आप लोगों को दिखाई नहीं देता। लेकिन जब ग्रामीणों के लिए सड़क बनती है, तो उसे रोकने के लिए आप तुरंत आ जाते हैं। दरअसल, आलनिया ग्राम पंचायत के लोगों का आरोप था कि वन विभाग द्वारा पीएम आवास निर्माण के लिए एनओसी (NOC) के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आज ग्रामीण सेवा शिविर का विरोध जताया और वे सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने के लिए विधायक कल्पना देवी मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक कल्पना देवी वन विभाग के कर्मचारियों पर बरस पड़ीं। उन्होंने कहा- अवैध रूप से मिट्टी का खनन होता है, पत्थर तोड़े जाते हैं, वह आपको नहीं दिखता। यहां तक कि आपने पानी की टंकी का काम भी रोक दिया। इससे पहले आलनिया ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। वे ग्रामीण सेवा शिविर का बहिष्कार कर सड़क पर धरने पर बैठ गए। पुलिस की समझाइश के बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं माने। स्थानीय सरपंच रुक्मिणी देवी की अगुवाई में केवलनगर की महिलाएं व पुरुष कोटा-झालावाड़ हाईवे की पुलिया के नीचे सड़क पर 3 घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान ग्रामीण सेवा शिविर में उपखंड अधिकारी, बीडीओ और वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीण दीपक शर्मा ने बताया- गांव में साल 1960-65 से आबादी रह रही है। यहाँ करीब-करीब सभी आधारभूत सुविधाएं मौजूद हैं। इस साल गांव में 160 पीएम आवास स्वीकृत हुए हैं, लेकिन जब लोग इनका निर्माण कर रहे हैं, तो वन विभाग द्वारा अड़ंगा लगाया जा रहा है। यहाँ तक कि आवास की फाइनल किस्त पर भी रोक लगवा दी गई है। उन्होंने आगे कहा-इतना ही नहीं, गांव का कोई भी अन्य व्यक्ति जब मकान बनाता है, तो वन विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंच जाते हैं और एनओसी की मांग करते हैं। इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से मजबूरन हमें आज सुबह 9 बजे से धरने पर बैठना पड़ा। बाद में विधायक के आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।