भास्कर न्यूज|ब्यावर नगर परिषद में 27 साल के लंबे इंतजार के बाद सभापति की कुर्सी सामान्य (ओपन) वर्ग के लिए आरक्षित हुई। बुधवार को नामांकन के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस की ओर से अपने-अपने पत्ते खोले। भाजपा ने जहां अपनी "जनरल कार्ड' की रणनीति पर मुहर लगाई। वहीं कांग्रेस के पास सामान्य वर्ग के पार्षद होने के बावजूद उसने ओबीसी कार्ड खेलकर चौंका दिया। इधर, कांग्रेस निर्दलीय-आरएलपी को साधने में लगी है। वार्ड 38 की हॉट सीट से जीते एकमात्र जैन पार्षद पारस जैन चुनाव लड़ने से पीछे हट गए। बुधवार सुबह तक पार्टी ने दो अन्य कद्दावर नेताओं को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे भी आगे नहीं आए। यदि कांग्रेस की यह जमीनी घेराबंदी और निर्दलीयों के साथ आरएलपी को साधने की रणनीति सटीक बैठ गई, तो 21 सितंबर को आने वाले परिणाम न केवल नगर परिषद के आंकड़े बदलेंगे, बल्कि ब्यावर की राजनीति का चेहरा भी पूरी तरह बदल देंगे। भाजपा : 29 साल का सपना बनाम अंदरूनी क्रॉस वोटिंग का खतरा : राजनीतिक सूत्रों के अनुसार बल्दुआ परिवार की 29 साल से इस कुर्सी पर निगाह है। वर्ष 1988 में घनश्याम बल्दुआ इस कुर्सी से महज एक कदम दूर रह गए थे। अब 2026 में उनके छोटे भाई की पत्नी पुष्पा बल्दुआ को सपने को पूरा करने का मौका दिया। पुष्पा बल्दुआ को स्थानीय विधायक शंकरसिंह गुट का वरदहस्त प्राप्त है। सिंबल घोषणा से पहले सियासी गलियारों में गोविंद अग्रवाल सहित अन्य नामों की भी चर्चा थी। बताते हैं कि उच्च स्तर से इन नामों पर सहमति बन चुकी थी, लेकिन ऐनवक्त पर विधायक गुट की हुंकार भारी पड़ी। चर्चा है कि इस फैसले से असंतुष्ट और उपेक्षित महसूस कर रहा गुट ऐनवक्त पर क्रॉस वोटिंग के जरिए समीकरण बिगाड़ सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी कमल राम मीना ने बताया कि नगर परिषद ब्यावर समेत मसूदा, बिजयनगर, जैतारण और रायपुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए 11 उम्मीदवारों ने 13 नामांकन फार्म भरे । कानूनन इस सीट पर एससी या ओबीसी पार्षद भी चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन राजनीति में सामान्य वर्ग के दावेदार ही किस्मत आजमाते रहे हैं। हालांकि, इतिहास गवाह है कि आरक्षण के फेर में सत्ता के समीकरण हमेशा बदलते रहे हैं। { 1994 (सामान्य) : भाजपा के डूंगरसिंह सांखला (ओबीसी) कुर्सी पर काबिज हुए। { 1999 (एससी महिला) : राजनीतिक घटनाक्रम के चलते प्रमोद सांखला (ओबीसी) सभापति बने। { 2004 (एससी महिला) : अधिकांश समय एससी वर्ग की महिला का ही कब्जा । { 2009 (एससी ओपन) : प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से एससी वर्ग के डॉ. मुकेश मौर्य चुने गए। { 2014 (सामान्य महिला) : ओबीसी वर्ग की बबीता चौहान को अवसर मिला। - 2019 (एससी ओपन) : एससी वर्ग के नरेश कनोजिया सीट पर बैठे। { 2026 (सामान्य ओपन) : भाजपा ने सामान्य वर्ग से महिला प्रत्याशी पुष्पा बल्दुआ को उतारा, जबकि कांग्रेस ने ओबीसी के कैलाश गहलोत पर दांव खेला। { नगर परिषद ब्यावर : 2 प्रत्याशियों ने भरे 2 नामांकन { नगर पालिका बिजयनगर : 3 प्रत्याशियों ने भरे 5 नामांकन { नगर पालिका मसूदा : 2 प्रत्याशियों ने भरे 2 नामांकन {नगर पालिका रायपुर : 2 प्रत्याशियों ने भरे 2 नामांकन {नगर पालिका जैतारण : 2 प्रत्याशियों ने भरे 2 नामांकन