बूंदी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर "साइबर जागरूकता और पॉक्सो एक्ट" विषयों पर केंद्रित था, जिसमें ट्रेनिंग मजिस्ट्रेट पूनम बैरा और अधिकार मित्र लवकुश हर्षल ने स्टूडेंट्स को महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी। इस दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम, पॉक्सो एक्ट, हैकिंग और अन्य ऑनलाइन तथा सामाजिक अपराधों के बारे में विस्तार से बताया गया। स्कूल के प्रिंसिपल यू.एस. विजय ने विद्यार्थियों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहने की सलाह दी। 'साइबर अपराघ तेजी से बढ़ रहे, जागरूक होना जरूरी' ट्रेनिंग मजिस्ट्रेट पूनम बैरा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला। अधिकार मित्र लवकुश हर्षल ने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के अपराध या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत संबंधित प्राधिकरण या हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी। स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षिका शिल्पा दहिया ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस महत्वपूर्ण पहल के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत शर्मा ने किया।