बूंदी के करवर और जरखोदा स्थित गेहूं खरीद केंद्रों पर बुधवार को बारदाना (खाली बोरियां) खत्म होने से गेहूं की तुलाई का कार्य ठप पड़ गया। इससे अपनी उपज बेचने आए किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई किसानों ने केंद्र परिसर में ही गेहूं के ढेर लगा दिए और तुलाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। जरखोदा खरीद केंद्र पर मंगलवार शाम को ही बारदाना खत्म हो गया था, जिससे करीब 12 किसानों की गेहूं तुलाई नहीं हो पाई थी। बुधवार को भी मैसेज के आधार पर दो दर्जन से अधिक किसान गेहूं लेकर पहुंचे, लेकिन बारदाना न होने के कारण तुलाई नहीं हो सकी। दूरदराज से आए किसानों ने बताया कि उन्हें 40 से 45 किलोमीटर का सफर तय करके आना पड़ा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली के किराए, लोडिंग और अन्य खर्चों में ढाई से तीन हजार रुपए लग जाते हैं। इसी तरह करवर खरीद केंद्र पर भी बुधवार को बारदाना की कमी के चलते गेहूं की तुलाई पूरी तरह ठप रही। यहां भी किसान बारदाना आने और तुलाई शुरू होने का इंतजार करते रहे। किसानों ने प्रशासन से तत्काल बारदाना की आपूर्ति सुनिश्चित करने और तुलाई कार्य को सुचारू रूप से चलाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी, भोजन और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी अपील की है। जरखोदा खरीद केंद्र प्रभारी धनराज गुर्जर ने बताया कि मांग के अनुरूप बारदाना उपलब्ध नहीं होने के कारण तुलाई कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है। गुर्जर ने आश्वासन दिया कि बारदाना उपलब्ध होते ही तुलाई का कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा।