बूंदी जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हॉस्पिटल में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल की ओपीडी, सर्जिकल आउटडोर, इमरजेंसी कैजुअल्टी, ड्रेसिंग रूम और मेडिकल आईसीयू सहित विभिन्न विभागों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल की सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए। गंदगी देख ठेकेदार को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश ओपीडी के निरीक्षण के दौरान शौचालयों में गंदगी और समय पर कचरा नहीं उठाए जाने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सफाई ठेकेदार को नोटिस जारी करने और काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। थूकने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश इसके अलावा अस्पताल के बाहर सड़क पर पड़े मलबे को हटाने और दीवारों पर थूकने वालों पर जुर्माना लगाने को भी कहा गया। मॉर्च्युरी के बाहर फैले कचरे को लेकर उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे कचरा नहीं फैले और उसका उठाव हर 2 दिन में हो। ट्रॉमा वार्ड में सफाई के निर्देश ट्रॉमा वार्ड के निरीक्षण में अस्त-व्यस्त पलंगों और खिड़कियों पर जमी धूल-मिट्टी देखकर कलेक्टर ने उन्हें अच्छी तरह साफ करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर ट्रोमा वार्ड की स्थिति में सुधार लाने को कहा। साथ ही, अस्पताल में खराब पड़े कूलर, पंखों, विद्युत बोर्ड और स्विच की सूची बनाकर उन्हें दो दिन के भीतर ठीक करवाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को असुविधा न हो। मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिला कलेक्टर ने सीएचओ के बैठने की व्यवस्था ऐसी 'विजिबल' जगह पर करने के निर्देश दिए, जहां से मरीज उन्हें आसानी से देख सकें और उन्हें इलाज के लिए भटकना नहीं पड़े। उन्होंने ओपीडी के रजिस्ट्रेशन कक्ष और नेत्र जांच कक्ष से अनावश्यक सामान हटाकर उन्हें व्यवस्थित करने को कहा। टीबी क्लिनिक के बाहर हो रहे गड्ढों को भरवाने और हॉल में बेतरतीब रखे दवाइयों के डिब्बों को सही स्थान पर रखवाने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान एसडीएम लक्ष्‍मीकांत मीणा, प्रमुख चिकित्‍सा अधिकारी एल.एन. मीणा, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. ओपी सामर आदि साथ रहे।