बूंदी के रायथल थाना क्षेत्र में प्रशासन ने 20 अप्रैल को होने वाले 3 नाबालिगों के बाल विवाह को रुकवा दिया। प्रशासन को दो नाबालिग बालिकाओं और एक नाबालिग बालक के विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में तहसीलदार नरोत्तम, रायथल थानाधिकारी हरलाल और चाइल्डलाइन टीम के सदस्य रामनारायण, बुद्धि प्रकाश, मनजीत कौर, रवि कुमार तथा अर्चना शामिल थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि दोनों बालिकाओं की आयु क्रमशः 17 वर्ष और 15 वर्ष थी, जबकि बालक की आयु 18 वर्ष पाई गई। यह भी ज्ञात हुआ कि एक बालिका 10वीं कक्षा में अध्ययनरत है और दूसरी 12वीं कक्षा की छात्रा है। बाल कल्याण समिति के आदेश पर दोनों बालिकाओं को शेल्टर होम में सुरक्षित रखा गया है। वे मजिस्ट्रेट द्वारा निषेधाज्ञा जारी होने तक वहीं रहेंगी। प्रशासन अब संबंधित माता-पिता और समाज के लोगों की काउंसलिंग करेगा। उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, जिससे उनका करियर और आत्मनिर्भरता प्रभावित होती है। कम उम्र में वैवाहिक जिम्मेदारियां मानसिक दबाव बढ़ाती हैं, और बालिकाओं के लिए कम उम्र में गर्भधारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार किशोरावस्था में विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को बाधित करता है। इससे उनके भविष्य में उच्च शिक्षा, रोजगार, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन के अवसर सीमित हो जाते हैं। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और स्वस्थ बचपन प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा की सूचना तत्काल 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस/प्रशासन को दें, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके। 16 वर्षीय छात्रा ने खुद रुकवाया बाल विवाह सदर थाना क्षेत्र में 12वीं क्लास की 16 वर्षीय छात्रा ने अपने निर्धारित बाल विवाह को स्वयं आगे आकर रुकवाकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। बालिका ने स्पष्ट रूप से आगे की शिक्षा जारी रखने की इच्छा व्यक्त की और पढ़ाई को प्राथमिकता दी। बालिका के अनुसार उसका विवाह 1 मई को खानखेड़ा सम्मेलन में निर्धारित किया गया था। उसने साहस, जागरूकता और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए स्वयं विभिन्न स्तरों पर संपर्क कर अपने बाल विवाह को रुकवाने के प्रयास किए, जिसमें वह सफल रही। बालिका ने यह भी बताया कि वह फिलहाल अपने माता-पिता के पास वापस नहीं जाना चाहती और आगे पढ़ाई जारी रखना चाहती है। प्रकरण की सूचना मिलने पर चाइल्डलाइन टीम से रामनारायण, मनजीत कौर और सदर थाना क्षेत्र से श्री राम सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बालिका से आवश्यक संवाद और समन्वय किया। तत्पश्चात, बालिका की इच्छा और बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार उसे शेल्टर होम में सुरक्षित प्रवेश दिलवाया गया, ताकि उसकी शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।