बुडाना स्कूल के सामने सेवा शिविर का बहिष्कार करते ग्रामीण। झुंझुनूं | स्वतंत्रता सेनानी बालाराम राउमा विद्यालय बुडाना के हिंदी व्याख्याता को झूठी शिकायत के आधार पर एपीओ करने का विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने राज्य सरकार के ग्रामीण विकास सेवा शिविर का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया। स्कूल में आयोजित शिविर फ्लॉप रहा। दरअसल, स्कूल की ही कुछ छात्राओं के नाम से शिक्षामंत्री को झूठी शिकायत भेजी गई थी। इसमें व्याख्याता पर नाबालिग से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया था। प्रधानाचार्य पर भी शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद सर्व समाज की ओर से शिविर के बहिष्कार का ऐलान किया गया था। मंगलवार को स्कूल में शिविर हुआ। विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तो पहुंचे, लेकिन ग्रामीण नहीं आए। इस कारण एक भी काम नहीं हो सका। अधिकारियों ने ग्रामीणों से थोड़े-बहुत काम करवाने की अपील की। इससे शिविर की खानापूर्ति हो सके, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। दोपहर में शिविर प्रभारी व तहसीलदार महेंद्र मूंड और बीडीओ ने ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता की। उन्होंने शिविर को सफल बनाने का आग्रह किया, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। इस दौरान ग्रामीण स्कूल के गेट के आगे धरना देते रहे। खलील बुडाना, ओम प्रकाश चौधरी, सूबेदार सुभाष कृष्णिया, जयकरण कृष्णिया, सूबेदार अमर सिंह कृष्णिया, आजाद अली पठान, लीलाधर सिहाग, नवीन कृष्णिया, रोहिताश महला, धर्मवीर मेघवाल, महिपाल कृष्णिया आदि मौजूद रहे।