बूंदी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है। लंबे समय से लो-वोल्टेज, बार-बार लाइन फाल्ट और बिजली कटौती से जूझ रहे उपभोक्ताओं को राहत देते हुए गुआर ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) चालू कर दिया गया है। नई व्यवस्था से गरड़दा, गुआर, पिंजर माता, केवड़िया और बेवड़िया सहित आसपास के गांवों में घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को स्थिर वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली मिल सकेगी। लंबी लाइनों की समस्या का स्थायी समाधान जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेडीवीवीएनएल) के अधीक्षण अभियंता (बूंदी वृत्त) आर.के. बैरवा ने बताया कि अब तक डाबी से खडीपुर तक लंबी विद्युत लाइनें होने के कारण तेज हवा, आंधी-तूफान, खराब मौसम और आकाशीय बिजली गिरने पर लाइन फाल्ट की समस्या लगातार बनी रहती थी। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली बाधित रहती थी। अब कम दूरी की लाइनें, घटेंगे फाल्ट नए गुआर जीएसएस के चालू होने से विद्युत लाइनों की लंबाई काफी कम हो जाएगी और लाइनें लूप सिस्टम में संचालित होंगी। इससे फाल्ट की घटनाएं कम होंगी और बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनेगी। लो-वोल्टेज से मिलेगी राहत क्षेत्र के उपभोक्ता लंबे समय से लो-वोल्टेज और वोल्टेज ड्रॉप की समस्या से परेशान थे। नए जीएसएस के संचालन से वोल्टेज स्थिर रहेगा, जिससे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की बिजली मिलेगी और दैनिक कार्य प्रभावित नहीं होंगे। उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ क्षेत्र में औद्योगिक कनेक्शनों की संख्या अधिक होने के कारण कमजोर वोल्टेज से मशीनें चलाने में परेशानी आती थी और उपकरण खराब होने का खतरा बना रहता था। अब मजबूत और स्थिर बिजली मिलने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों का आर्थिक नुकसान कम होगा। किसानों को सिंचाई में सुविधा ग्रामीण क्षेत्र के कृषि कनेक्शनों को भी अब पर्याप्त वोल्टेज के साथ नियमित बिजली मिलेगी। इससे सिंचाई कार्य सुचारू होगा और किसानों को खेती में राहत मिलेगी। इन गांवों को होगा सीधा फायदा गुआर जीएसएस शुरू होने से मुख्य रूप से गरड़दा, गुआर, पिंजर माता, केवड़िया और बेवड़िया गांवों के ग्रामीण, किसान, व्यापारी और उद्यमी सीधे लाभान्वित होंगे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के प्रयासों से मिली सौगात बिजली विभाग के अनुसार यह उपलब्धि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर के विशेष प्रयासों तथा जेडीवीवीएनएल की चेयरमैन एवं सीएमडी आरती डोगरा के नेतृत्व में संभव हुई है। ग्रामीण विद्युत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों तथा बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी सौगात बताया।