बूंदी जिले में मंगलवार को मानसून फिर सक्रिय हो गया। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक हुई बारिश से जिले में औसत 19 एमएम और कुल 133 एमएम वर्षा दर्ज की गई। इस बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं सोयाबीन की फसल को जीवनदान मिला है। मौसम विभाग के अनुसार, सर्वाधिक 25 एमएम बारिश केशोरायपाटन में हुई। इसके बाद बूंदी में 23 एमएम, रायथल में 20 एमएम, तालेड़ा में 19 एमएम और नैनवां में 17 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। हिंडोली में सबसे कम 1 एमएम बारिश दर्ज की गई। इंदरगढ़, करवर सहित नैनवां क्षेत्र के कई गांवों में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। बूंदी के नगदी बाजार में भी सड़कों पर पानी का तेज बहाव देखा गया, जिससे दुकानदारों को अपना सामान बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। कई दिनों से बारिश के अभाव और उमस के बाद हुई इस वर्षा से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, सोयाबीन की फसल के लिए यह बारिश बेहद आवश्यक थी। सोयाबीन की बंपर पैदावार की उम्मीद करवर और जरखोदा क्षेत्र में सोयाबीन की फसल अच्छी अवस्था में खड़ी है। समय पर हुई इस बारिश से अब सोयाबीन की बंपर पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। करवर के किसान कालूलाल मीणा ने बताया कि पिछले 10 दिन से बारिश नहीं हुई थी, जिससे फसलें मुरझाने लगी थीं। आज की बारिश से फसलों को जीवनदान मिला है और खेतों में नमी बनी रहेगी। किसानों का कहना है कि लगातार नमी रहने से सोयाबीन के साथ उड़द और मूंग की फसल को भी फायदा होगा। खेतों में जमा पानी भूमिगत जल स्तर बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ के सक्रिय होने से अगले 2-3 दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है।