बाड़मेर | इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र से जुड़े बाड़मेर में गर्मियों में जल संकट और गहराने की स्थिति बनेगी। पंजाब में चल रहे मरम्मत कार्यों के कारण नहरबंदी की अवधि को एक बार फिर 5 दिन अतिरिक्त बढ़ा दिया गया है। पहले जहां 45 दिनों का क्लोजर प्रस्तावित था, वह अब बढ़कर 50 दिन हो गया है। अब नहरों में पानी 10 मई के बजाय 15 मई के बाद ही सुचारू हो पाएगा। इस साल नहरबंदी के शेड्यूल को तीन बार बदला जा चुका है। पहले 20 मार्च से 3 मई तक क्लोजर प्रस्तावित था। इसके बाद क्लोजर की अवधि को 7 दिन बढ़ाते हुए 27 मार्च से 10 मई तक किया गया। अब क्लोजर 27 मार्च से 15 मई तक चलेगा। नहरबंदी के बढ़ते समय ने पीएचईडी की गणित बिगाड़ दी है। शहर में जलापूर्ति का जो अंतराल पहले 2-3 दिन था वो इन दिनों 4 दिन हो गया है। वहीं जिन इलाकों में 5-7 दिन बाद पानी सप्लाई किया जाता है, उन इलाकों में अब अंतराल बढ़कर 8 दिन तक पहुंचेगा। विभाग अब तक तीन बार शटडाउन ले चुका है, जिससे मोहनगढ़ से डिमांड के मुताबिक पानी बाड़मेर नहीं पहुंच पा रहा है। ^फिलहाल नहर से पानी की आवक हो रही है। हम मोहनगढ़ हेडवर्क्स से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि पानी का उत्पादन कर पर्याप्त मात्रा में जिले को सप्लाई किया जा सके। — नेमाराम बामणिया, एक्सईएन, बाड़मेर लिफ्ट परियोजना खंड मोहनगढ़।