जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत आज से 15 मई तक जिले में स्वगणना (सेल्फ इनुमेरेशन) चरण शुरू हो गया है। लोग खुद ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा खुद दर्ज कर सकेंगे। टोंक जिला कलक्टर ने बताया - स्वगणना के माध्यम से नागरिक अपनी सुविधा अनुसार अपने परिवार संबंधी विवरण दर्ज कर सकते हैं। यह वेब पोर्टल अंग्रेजी, हिंदी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। परिवार का कोई भी सदस्य लगभग 15 से 20 मिनट में https://se.census.gov.in पर स्वगणना प्रक्रिया पूरी कर सकता है और उसके बाद स्वगणना पहचान संख्या अपने मोबाइल या ई-मेल पर प्राप्त कर सकता है। घर-घर सर्वे 16 मई से इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान जनगणना कार्मिक (प्रगणक) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। कलेक्टर की अपील और जनगणना का महत्व जिले की प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर टीना डाबी ने कहा - जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्र की जाती है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और अन्य योजनाओं का निर्माण करती हैं। उन्होंने बताया कि प्रगणकों के घर-घर भ्रमण के दौरान स्वगणना विवरण की पुष्टि और अंतिम प्रस्तुतिकरण के लिए स्वगणना पहचान संख्या बताना आवश्यक होगा। इस पूरी प्रक्रिया में एकत्र जानकारी को पूर्णतः सुरक्षित और गोपनीय रखा जाएगा। डिजिटल तकनीक का उपयोग कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत जनगणना 2027 में डाटा संग्रहण और प्रसार के लिए मोबाइल एप और डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और समयबद्ध हो सके।