इस बार जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल रूप से होगी। कागजों की जगह मोबाइल एप के जरिए डेटा एकत्र किया जाएगा। साथ ही आमजन के लिए 1 से 15 मई तक स्वगणना की सुविधा भी दी जाएगी। इसमें परिवार का मुखिया खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी दर्ज कर सकेगा। जमीनी स्तर पर ब्लॉक में निगरानी रखने के साथ सोमवार को उपखंड और चार्ज जनगणना अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों को प्रक्रिया और डिजिटल सिस्टम की जानकारी दी गई। जिला परिषद सभागार में शाम को खत्म हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रंजेटेंशन के जरिए पूरी प्रक्रिया को समझाया गया। जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया- जनगणना के पहले चरण की शुरुआत 1 मई से होगी। इसमें मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य किया जाएगा। यह प्रक्रिया 14 जून तक पूरी की जाएगी। वहीं घर के मुखिया और सदस्यों से 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। ब्लॉक और पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया- सभी अधिकारी खुद भी स्वगणना करें और अधीन कर्मचारियों से भी प्रक्रिया पूरी करवाएं। इसके लिए ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग सुविधा का लाभ उठा सकें। अधिकारियों को बताया गया- पहले चरण में परिवारों से 34 प्रकार की जानकारी ली जाएगी। सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है और आमजन से सहयोग की अपील की गई है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों को 13 मई तक देंगे ट्रेनिंग ट्रेनिंग के दौरान तकनीकी पहलुओं और फील्ड वर्क की रूपरेखा भी समझाई गई। जिले में 4394 प्रगणकों (सर्वे करने वाले) और सुपरवाइजर्स को 30 अप्रैल से 13 मई के बीच ट्रेनिंग दी जाएगी। जनगणना निदेशालय जयपुर के उदयपुर जिला समन्वयक डॉ. पुलकेश शर्मा ने बताया- पहले चरण अर्थात मकान सूचीकरण, मकानों की गणना के संबंध मे परिवार के मुखिया और सदस्यों से 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। इस संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी की है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में गिर्वा एसडीएम अवुला सांईकृष्ण सहित पुनीत शर्मा, राजेन्द्र खटीक, बनवारी लाल बुम्बरिया और जयेश ओझा आदि मौजूद रहे।