राजस्थान सरकार की पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण के बहाने परिसीमन का अधूरा बिल पास करवाने की तैयारी कर ली थी। विपक्ष के नाम पर केंद्र सरकार देश को भ्रमित कर रही है। भाजपा 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों का परिसीमन करना चाहती है, जबकि 2011 से अब तक की जनसंख्या में जमीन-अासमान का फर्क आ चुका है। सीकर में प्रधानजी की जाव में प्रेस वार्ता की अध्यक्षता कांग्रेस जिलाध्क्ष सुनीता गठाला ने की। वार्ता में फतेहपुर विधायक हाकम अली खां, निवर्तमान सभापति जीवण खां, धोद प्रत्याशी जगदीश दानोदिया, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजू गोदारा, पूर्व उपजिला प्रमुख पूरण कंवर, पूर्व उपसभापति अशोक चौधरी, उर्मिला धायल, शहर अध्यक्ष राजेश सैनी भी मौजूद थे। पूर्व मंत्री शकंुतला रावत ने कहा कि महिला आरक्षण की सुंदर पकवानों से भरी थाली में पीएम मोदी ने बेबुनियाद परिसीमन के कंकड़-पत्थर डाल रखे थे। 15 साल पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन और महिला आरक्षण करना पूरी तरह अनुचित है। संवैधानिक रुप से जनगणना करवाना BJP की बस की बात नहीं है। महिलाएं वर्तमान केंद्र सरकार के प्रति आक्रोशित हैं। केंद्र सरकार सिर्फ नाम‌ बदलने का का काम करती है। सबसे ज्यादा आतंकी हमले भाजपा के राज में हुए। पूर्व मंत्री रावत ने कहा कि भाजपा के लोग कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ है, जबकि कांग्रेस ने महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाया, भाजपा राजनीति के लिए महिलाओं की आड़ लेती है। कांग्रेस ने ही सबसे पहले महिलाओं को सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक, सांसद, प्रदेशाध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों‌ पर बैठाया।