जालोर-सिरोही सांसद लुंबाराम को रोककर लोगों ने क्षेत्र की समस्याएं बताई। सांसद को गंदगी और खुले नालों को दिखाया।
क्षेत्र में फैली गंदगी दिखाते हुए कहा- एक मिनट मेरी बात तो सुनो, ये गंदगी आपको दिखती नहीं है क्या? दोस्त से मिलने पहुंचे जालोर-सिरोही सांसद लुंबाराम को लोगों ने घेर लिया। अपने इलाके में गंदगी और खुले नालों की समस्या बताने लगे। आश्वासन देकर जैसे ही सांसद निकलने को हुए, कॉलोनी के एक व्यक्ति ने उनका हाथ पकड़ कर रोक लिया।
यहां हैजा फैल रहा है, बच्चे बीमार हो रहे हैं साहब… इसके बाद सांसद ने नगर परिषद इंस्पेक्टर से फोन पर बात की। उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार ने आपको 25 करोड़ दिए हैं। आज शाम तक ये क्लियर होने चाहिए। सांसद ने लोगों को सीधे उन्हें फोन करके को कहा। इस पर लोगों ने सांसद से कहा कि आपके PA आपसे बात ही नहीं करवाते हैं। दोस्त से मिलने पहुंचे, लोगों ने घेरा दिशा समिति की बैठक के लिए जालोर आए जालोर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी रविवार को दूसरे दिन 10 बजे हैड पोस्ट ऑफिस रोड स्थित अपने दोस्त चिरंजीवी लाल के घर मिलने पहुंचे। सांसद के आने की सूचना पर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और उनके बाहर आने का इंतजार करने लगे। सांसद जैसे ही अपने वाहन में बैठकर रवाना होने लगे, लोगों ने उनका वाहन घेर लिया और उन्हें गाड़ी से नीचे उतारकर क्षेत्र की समस्याएं बताईं। स्थानीय निवासी शिवलाल ने सांसद को गली में जगह-जगह लीकेज हो रही सीवरेज और नाले निर्माण के लिए खोदकर खुले छोड़े गए नालों की स्थिति दिखाई। कहा- घरों के आगे गंदगी और सीवरेज का पानी जमा है। इससे छोटे बच्चे बीमार हो रहे हैं। शिकायत किए करीब तीन महीने हो गए हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी गली में झाडू लगाने तक नहीं आते। लोगों ने सांसद को बताया कि जालोर शहर का सीवरेज का गंदा पानी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले सुंदेलाव तालाब में जा रहा है। उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। आयुक्त से बोले- FIR करवाओ सांसद ने नगर परिषद आयुक्त शिवपाल सिंह से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि गटर का पानी बाहर निकलकर गली में भर रहा है। इस पर आयुक्त ने बताया कि क्षेत्र की सीवरेज लाइन और सड़क गुजरात गैस कंपनी द्वारा तोड़ी गई है। सांसद ने कहा कि जिसने भी सीवरेज या सड़क तोड़ी है, उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया जाए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार ने सीवरेज के लिए करीब 25 करोड़ रुपए दिए हैं। इसके बाद भी यदि समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो यह गंभीर लापरवाही है। इसके बाद लोगों ने मौके से नगर परिषद के इंस्पेक्टर महावीर को फोन लगाकर सांसद से बात कराई। सांसद ने कहा कि सरकार ने सीवरेज व्यवस्था के लिए करीब 25 करोड़ रुपए दिए हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना गंभीर बात है। उन्होंने शाम तक मौके पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। लोग बोले- आपके PA फोन ही नहीं उठाते इस दौरान लोगों ने सांसद से कहा कि वे कई बार शिकायत और काम के लिए फोन करते हैं, लेकिन उनके पीए उनसे बात नहीं कराते। कई बार फोन करने के बावजूद सांसद से बात नहीं हो पाती। इस पर सांसद ने लोगों से कहा कि नगर परिषद के अधिकारी आज ही मौके पर आएंगे। उन्होंने कहा कि सात दिन में समस्या का पूरा समाधान नहीं हो तो उन्हें दोबारा जानकारी दें।