वन विभाग ने प्रदेश के सभी नेशनल पार्क, टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभ्यारण्यों के प्रवेश शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें आज यानी 1 अप्रैल से लागू हो गई हैं और 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेंगी। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रणथंभौर टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटाट क्षेत्र में देखने को मिली है। छात्रों के लिए 65 रुपए फीस यहां अब भारतीय पर्यटकों को 215 रुपए चुकाने होंगे, जिसमें 90 रुपए एंट्री फीस और 125 रुपए ईको-डेवलपमेंट सरचार्ज शामिल है। वहीं विदेशी पर्यटकों के लिए यह शुल्क 1575 रुपए प्रति व्यक्ति तय किया गया है, जबकि छात्रों के लिए 65 रुपए फीस रखी गई है। इसी तरह मुकंदरा टाइगर रिजर्व, केवलादेव नेशनल पार्क और सरिस्का टाइगर रिजर्व सहित अन्य टाइगर रिजर्व में भारतीय पर्यटकों के लिए 165 रुपए शुल्क तय किया गया है। पहले यह 155 रुपए था। विदेशी पर्यटकों के लिए अब 1010 रुपए और छात्रों के लिए 65 रुपए शुल्क रहेगा। ध्यान रहे, वाहन शुल्क इसमें अलग से लिया जाएगा। 18 सीट के लिए 1575 रुपए देने होंगे हाड़ौती क्षेत्र में भी पर्यटन अब महंगा हो गया है। रामगढ़ टाइगर सफारी और मुकंदरा में सफारी के लिए नई दरें लागू हो चुकी हैं। वहीं चंबल नदी में बोटिंग का किराया भी बढ़ा दिया गया है। अब 4 सीट वाली नाव के लिए 370 रुपए, 8 सीट के लिए 735 रुपए, 12 सीट के लिए 1095 रुपए और 18 सीट के लिए 1575 रुपए देने होंगे। इसके अलावा फिल्म और डॉक्यूमेंट्री शूटिंग भी अब महंगी हो गई है। रणथंभौर में प्रोफेशनल शूटिंग के लिए भारतीय कंपनियों को प्रतिदिन 15,980 रुपए शुल्क देना होगा, साथ ही 2 लाख 12 हजार रुपए सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा कराना होगा। अन्य पार्कों में यह शुल्क रणथंभौर की तुलना में लगभग 80 प्रतिशत रहेगा। रिफंड नियमों में भी बदलाव 30 दिन पहले कैंसिलेशन पर 75 प्रतिशत राशि वापस मिलेगी, 72 घंटे से 30 दिन के बीच 50 प्रतिशत और 72 घंटे के भीतर कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। हालांकि, राहत की बात ये है कि सरकारी स्कूलों और संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण पर एंट्री फीस पूरी तरह माफ रहेगी। कुल मिलाकर, अब जंगल सफारी और पर्यटन का आनंद लेने के लिए पर्यटकों को पहले से ज्यादा खर्च करना होगा।