प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी में सियाखेड़ी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के ‘हमारा पंप’ का प्रशासनिक अधिकारियों के संयुक्त दल ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पेट्रोल और डीजल के स्टॉक में मामूली अंतर मिला, जो निर्धारित सीमा के भीतर पाया गया। वहीं, माप की जांच संतोषजनक रही। हालांकि, परिसर में वाहनों में हवा भरने की मशीन खराब मिली और पीने के पानी में गंदगी पाई गई। निरीक्षण दल में जिला रसद अधिकारी हरिप्रसाद बलाई, अधिशाषी अधिकारी लालशंकर डामोर और प्रवर्तन निरीक्षक प्रदीप परमार शामिल थे। दल ने पंप के रिकॉर्ड, ईंधन स्टॉक, माप और सुविधाओं की जांच की। पेट्रोल-डीजल के स्टॉक में मिला अंतर जांच में 28 अक्टूबर तक दैनिक बिक्री और स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मिले। रिकॉर्ड के अनुसार पेट्रोल का शुरुआती स्टॉक 8,865 लीटर था। इसमें से 992 लीटर की बिक्री के बाद अंतिम स्टॉक 7,873 लीटर दर्ज था, जबकि मौके पर 7,872 लीटर पेट्रोल मिला। इस तरह 1 लीटर का अंतर पाया गया। इसी प्रकार डीजल का शुरुआती स्टॉक 15,376 लीटर था। 1,900 लीटर बिक्री के बाद अंतिम स्टॉक 13,476 लीटर दर्ज था, जबकि मौके पर 13,342 लीटर डीजल मिला। इसमें 134 लीटर का अंतर सामने आया। दोनों ईंधनों का अंतर निर्धारित सीमा के भीतर पाया गया। माप और दस्तावेजों की जांच संतोषजनक बाट एवं माप विज्ञान विभाग के 5 लीटर के कोनिकल माप से ईंधन की डिलीवरी जांची गई, जो सही पाई गई। कैलिब्रेशन सत्यापन रिपोर्ट, हाइड्रोमीटर और थर्मामीटर की सत्यापन रिपोर्ट के साथ रिटेंशन नमूने भी नियमानुसार दर्ज मिले। विस्फोटक विभाग से स्वीकृत क्षमता के अनुसार ईंधन का भंडारण और नियमों के मुताबिक फुटकर बिक्री होना पाया गया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान लाइसेंस रजिस्टर मौके पर उपलब्ध नहीं मिला। हवा की मशीन खराब, पानी में मिली गंदगी पंप परिसर में सुविधाओं की जांच के दौरान वाहनों में हवा भरने की मशीन खराब मिली। पीने के पानी में गंदगी पाई गई और वाटर कूलर के पास भी साफ-सफाई नहीं थी। इसके अलावा मूल्य सूची और ईंधन दरों की जानकारी देने वाला बोर्ड केबिन के बाहर नहीं लगा था। यह जानकारी केवल कार्यालय के अंदर प्रदर्शित थी।