चित्तौड़गढ़ के पास स्थित बिलियां गांव में जमुनालाल भील के घर के बाहर एक पुरानी जाल में सांप बुरी तरह फंसा हुआ मिला। सांप को देखते ही आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया और लोग घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीणों ने दूरी बनाकर स्थिति को संभाला और तुरंत इसकी सूचना चित्तौड़गढ़ वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण समिति को दी। बताया जा रहा है कि यह सांप किसी शिकार के पीछे भागते हुए इस जाल में फंस गया था और खुद को छुड़ाने की कोशिश में और ज्यादा उलझ गया। यह पूरा रेस्क्यू करीब 25 मिनट तक चला। समिति के सदस्य ने मौके पर पहुंचकर 25 मिनट में किया सफल रेस्क्यू सूचना मिलते ही समिति के सदस्य मुबारिक खान बिना देरी किए मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बेहद सावधानी और अनुभव के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने 5 फीट लंबे सांप के मुंह को सुरक्षित तरीके से पकड़ा, जिसे हेड कंट्रोल कहा जाता है, ताकि सांप किसी को नुकसान न पहुंचा सके। इसके बाद जाल को धीरे-धीरे काटकर सांप को बाहर निकाला गया। यह पूरा रेस्क्यू करीब 25 मिनट तक चला, जिसमें हर कदम बहुत सोच-समझकर उठाया गया। ग्रामीण भी दूर खड़े होकर यह पूरा दृश्य देख रहे थे और जैसे ही सांप को सुरक्षित बाहर निकाला गया, सभी ने राहत की सांस ली। जहरीला कोबरा होने की पुष्टि, लोगों को दी गई जरूरी सलाह रेस्क्यू के दौरान मुबारिक खान ने बताया कि यह सांप कोबरा प्रजाति का है, जो बेहद जहरीला होता है और इसके काटने पर तुरंत इलाज जरूरी होता है। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि अगर कभी सांप काट ले तो झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए, बल्कि तुरंत नजदीकी सरकारी हॉस्पिटल पहुंचना चाहिए। सही समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है। रेस्क्यू के बाद सांप को जंगल में छोड़ा, वन विभाग को दी सूचना सांप को सुरक्षित निकालने के बाद उसे पास के जंगल में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में वापस जा सके। रेस्क्यू के दौरान इसकी जानकारी वन विभाग को भी दी गई। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अच्छी बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति या सांप को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।