चित्तौड़गढ़ में मंगलवार शाम तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं, बारिश ने दशहरा महोत्सव की तैयारियों पर असर डाल दिया। इंदिरा गांधी स्टेडियम में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले भीग गए। आतिशबाजी के लिए रखे पटाखे भी बारिश की चपेट में आ गए। ऐसे में आयोजकों की चिंता बढ़ गई और सामान को बचाने के लिए तिरपाल सहित अन्य इंतजाम किए गए। मौसम विभाग के अनुसार, जिले का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस से घटकर 35 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। एक ही दिन में तापमान में 2.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शहर में शाम 5 बजे तक 4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद भी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। पुतले और पटाखे भीगे, बचाव में जुटे आयोजक इंदिरा गांधी स्टेडियम में दशहरा महोत्सव के तहत शाम को रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन होना है। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन अचानक हुई बारिश से पुतले भीग गए। आतिशबाजी के लिए रखे पटाखों पर भी पानी गिरा। इसके बाद आयोजक और कार्यकर्ता पटाखों सहित अन्य सामान को सुरक्षित रखने में जुट गए। तिरपाल और दूसरे इंतजामों से सामान को ढकने की कोशिश की गई, ताकि मौसम साफ होने पर कार्यक्रम तय योजना के अनुसार कराया जा सके। गर्मी से राहत, रावण दहन पर नजरें कई दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे शहरवासियों को बारिश से राहत मिली। तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, बारिश के चलते दशहरा महोत्सव के आयोजन पर असर पड़ने की आशंका बनी रही। आयोजकों की कोशिश है कि मौसम अनुकूल होने पर कार्यक्रम तय योजना के अनुसार कराया जाए। शहरवासियों की नजरें भी मौसम पर टिकी रहीं, क्योंकि रावण दहन और आतिशबाजी दशहरा महोत्सव के प्रमुख आकर्षण हैं।