जोधपुर में डरा-धमकाकर धर्म परिवर्तन करवाने का मामला सामने आया है। जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। आरोप है कि आरोपी ने पीड़ित को नशे की लत छुड़वाने और बिजनेस शुरू करवाने का लालच दिया गया। इसके बाद ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना कार्यक्रम में ले जाया। जोधपुर ग्रामीण एसपी पंकज यादव ने बताया कि आरोपी सुजत हनुमान उड़ीसा का रहने वाला है, जो अभी बिलाड़ा में रहता है। मामला दर्ज होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि ये लोगों को ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा में बुलवाने और धर्मांतरण का प्रयास करता था। इधर, पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच की जा रही है। साल 2015-16 में आया था कॉन्टैक्ट में एसपी पंकज यादव ने बताया कि पीड़ित प्रशांत गर्ग की ओर से रिपोर्ट में बताया कि 2015-16 में उसका कॉन्टैक्ट सुजत हनुमान से हुआ था। वह नशे की लत छुड़वाने और आर्थिक स्थिति में सुधार करने का लालच देता था। इस दौरान उसने ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभा में आने के लिए भी प्रेरित किया। आरोपी ने चमत्कारी तरीके से समस्याओं का समाधान करने का दावा भी किया। सोसायटी का सदस्य बनावाया, बिजनेस के नाम शादी करवाई पीड़ित ने बताया कि साल 2018-19 के दौरान उसे बालोतरा स्थित कॉलेज में बाइबिल संबंधित कोर्स करने के लिए भेजा गया। जहां बाइबल सोसायटी ऑफ इंडिया का सदस्य बनाया गया। इसके बाद चायपत्ती के बिजनेस के नाम पर गौरा नाम की महिला से संपर्क करवाकर उसकी शादी भी करवाई। आरोप लगाया कि सुजत हनुमान उसे वॉट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदू धर्म के लोगों को ईसाई धर्म का प्रचार करने और प्रार्थना कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहता था। इस बीच जोधपुर के पाली रोड स्थिति एक संस्था में नौकरी दिलवाई, जहां 14 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। दावा- संस्थान में धर्म से जोड़ने के लिए होता था काम परिवादी ने बताया कि जिस संस्थान में उसे नौकरी लगावाई गई, वहां ईसाई धर्म से संबंधित किताबों का डिस्ट्रीब्यूशन होता था। इसके अलावा लोगों को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए काम किया जाता था। परिवादी ने बताया कि सितंबर 2026 में सुजत ने चाय के बिजनेस का लालच देकर जयपुर निवासी आनंद करोड़ द्वारा आयोजित ईसाई धर्म प्रचार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अजमेर स्थित डीसी सेंटर ले जाया गया। वहां चाय के बिजनेस के नाम बिना ब्याज 40 हजार रुपए लोन देने का लालच दिया। परिवादी के अनुसार इस कार्यक्रम में ईसाई धर्म परिवार्तन करवाया था। इसके लिए उसे किसी भी दूसरे को जानकारी नहीं देने के लिए कहा गया। मामला सामने आने के बाद शुरू की जांच ग्रमीण एसपी पंकज यादव ने बताया कि ये ईसाई धर्म में परिवर्तन के लिए लालच देते और डरा-धमकाकर धर्मातंरण करवाते थे। इस गिरोह में और भी लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं, जिनकी जांच की जा रही है।