चित्तौड़गढ़ जिले में बुआई के सीजन के बीच खाद की कमी अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। बारिश की अनिश्चितता के बीच किसान पहले ही चिंता में हैं, वहीं समय पर डीएपी और यूरिया नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन से तुरंत व्यवस्था सुधारने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गांवों के लगातार दौरे के दौरान किसानों ने सबसे ज्यादा शिकायत खाद की कमी, लंबी लाइनों और महंगे दाम पर खाद मिलने की की है। उनका कहना है कि अगर समय पर खाद नहीं मिली तो इसका सीधा असर बुआई और आगे चलकर फसल उत्पादन पर पड़ेगा, इसलिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। कालाबाजारी और जबरन दूसरी सामग्री बेचने का लगाया आरोप कांग्रेस के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने आरोप लगाया कि खाद की कमी का फायदा उठाकर कुछ निजी विक्रेता किसानों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। नेताओं का कहना है कि जिन किसानों को यूरिया तय कीमत पर मिलनी चाहिए, उनसे कहीं ज्यादा राशि ली जा रही है। इसके साथ ही नैनो यूरिया और दूसरी कृषि सामग्री भी जबरन खरीदवाई जा रही है। किसानों का कहना है कि बिना अतिरिक्त सामान लिए उन्हें खाद नहीं दी जा रही। उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्तर पर ऐसी कोई बाध्यता नहीं है, लेकिन फिर भी कई जगह नियमों की अनदेखी हो रही है। पार्टी ने मांग की कि सहकारी समितियों के जरिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और निजी दुकानों की जांच कर कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए। बिजली और खाद दोनों मोर्चों पर सरकार को घेरा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले सीजन में भी किसानों को खाद के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा था और इस बार भी हालात में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा। उनका आरोप है कि खाद वितरण की व्यवस्था कमजोर होने के कारण किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या भी खेती को प्रभावित कर रही है। नेताओं ने कहा कि बुआई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को तीन फेज बिजली भी पर्याप्त नहीं मिल रही। उनका कहना है कि जिला प्रशासन सहकारी समितियों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर खाद वितरण की व्यवस्था को तुरंत सुधारें, ताकि किसानों को राहत मिल सके। राम मंदिर मामले में निष्पक्ष जांच की भी उठाई मांग कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे के साथ अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित दान और जमीन खरीद मामलों पर भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता जरूरी है। उनका आरोप है कि पहले जमीन खरीद और अब दान में मिली नकदी, सोने-चांदी और अन्य कीमती सामान से जुड़े मामले सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में गठित स्वतंत्र समिति से कराई जाए, जिसमें पूर्व पुलिस अधिकारी, वित्त विशेषज्ञ और सामाजिक क्षेत्र के लोग शामिल हों। पार्टी का कहना है कि अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।