चित्तौड़गढ़ जिले में दीपावली से पहले नई स्कॉर्पियो खरीदने के लालच में एक ठेकेदार के मुनीम ने खुद ही करीब ₹20 लाख की लूट की साजिश रच डाली। घटना जिले के सदर थाना क्षेत्र की सोमवार सुबह की है। मुनीम धरियावद जा रहा था, जब उसने खुद के साथ लूट की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि रुपए लेकर जा रहे मुनीम ने ही पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने 3 घंटे के भीतर मामले का पर्दाफाश कर मुनीम को डिटेन कर लिया और रकम बरामद कर ली। आरोपी बालकिशन (30) खेताखेड़ा (उदयपुर) निवासी है। चित्तौड़गढ़ जिले में सिंचाई विभाग के ठेकेदार के यहां मुनीम का काम करता है। सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह ने बताया- आरोपी की निशानदेही पर बोजुंदा पुलिया के पास झाड़ियों में छिपाई पूरी रकम, टूटा हुआ मोबाइल और बाइक बरामद कर ली हैं। मजदूरों के भुगतान की रकम लेकर निकला था मुनीम थानाधिकारी ने बताया- मुनीम बालकिशन, ठेकेदार कैलाश चौधरी से रकम लेकर बस्सी से धरियावद (प्रतापगढ़) के लिए निकला था। यह राशि ठेकेदार ने काम कर रहे मजदूरों को भुगतान के लिए भेजी थी। सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि कोटा-उदयपुर हाईवे पर बोजुंदा पुलिया के पास तीन नकाबपोश बदमाश मुनीम का पैसों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर मिला खाली बैग, 25 मिनट के अंतर से पकड़ा झूठ पुलिस ने मौके का मुआयना किया तो खाली बैग वहीं पास में मिल गया। बदमाशों द्वारा रुपए ले जाने के बावजूद बैग वहीं छोड़ देने और जबरन लूट के कोई ठोस निशान न मिलने पर पुलिस को मुनीम की कहानी पर शक हुआ। पुलिस ने जब बस्सी से बोजुंदा पुलिया तक के रूट का समय मिलाया तो मुनीम के बताए समय और वास्तविक समय में 25 मिनट का अंतर निकला। इस अंतराल का कोई हिसाब न दे पाने पर पुलिस का शक गहरा हो गया । झाड़ियों में खुद छुपा दी थी रकम सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह ने बताया- शक होने पर आरोपी मुनीम से सख्त पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह दीपावली से पहले स्कॉर्पियो खरीदना चाहता था, इसलिए उसने पैसे झाड़ियों में छिपाकर, अपना मोबाइल खुद तोड़कर फेंक दिया था।