चित्तौड़गढ़ में कुछ लोग फर्नीचर शॉप में घुस गए और तोड़फोड़-हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारी बकरी दुकान में बांधकर रख ली। फर्नीचर शॉप के मालिक ने पुलिस को सूचना दी तो सभी लोग फरार हो गए। घटना शहर के किला रोड स्थित जेपी फर्नीचर में बुधवार दोपहर को हुई। दुकान मालिक जेपी वंगानी ने बताया- कुछ लोग अचानक दुकान में घुसे और शोर-शराबा कर पत्थरबाजी करने लगे। उन्होंने दुकान में तोड़फोड़ की। अचानक हमले से स्टाफ घबरा गया। दिनदहाड़े इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नशे में युवक ने की शुरुआत, फिर बुला लिए साथी वंगानी ने बताया-हम अपने ऑफिस में बैठे थे। तभी दुकान के पीछे वाली सड़क से एक युवक नशे की हालत में गाली-गलौज करता हुआ आया। शुरुआत में लगा कि वह सामान्य रूप से जा रहा होगा। लेकिन कुछ ही देर में वह युवक दुकान के अंदर आ गया। जब उसे बाहर जाने के लिए कहा तो वह भड़क गया और पत्थर फेंकने लगा। इसके बाद उसने अपने कुछ साथियों को बुला लिया। पहले 5 लोग आए और दुकान के कांच पर पत्थर मारने लगे। शीशे मजबूत होने के कारण टूटे नहीं। धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़कर 15 से 20 तक पहुंच गई, जिससे माहौल और ज्यादा बिगड़ गया। कांच पर पत्थरबाजी और मारपीट की कोशिश दुकान के मालिक ने बताया- हमलावरों ने दुकान में मौजूद लोगों के साथ मारपीट करने की कोशिश की। कुछ आरोपी साइलेंसर और सरिए जैसे सामान उठाकर हमला करने लगे और जान से मारने की धमकी दी। कर्मचारियों ने किसी तरह खुद को बचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। झूठा आरोप लगाकर भागे आरोपी, बकरी बांधने की कही बात दुकान मालिक ने बताया- पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग निकले। जाते-जाते उन्होंने यह आरोप लगाया कि उनकी बकरी को दुकान के अंदर बांध रखा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था। हम उन लोगों को जानते तक नहीं। उनके आरोप पूरी तरह से गलत है। झूठे आरोप लगाकर वे माहौल बिगाड़ने की कोशिश में थे। इससे घटना संदिग्ध लग रही है। पुलिस पहुंची, व्यापारियों में नाराजगी, गश्त बढ़ाने की मांग सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू की। व्यापार मंडल के कई सदस्य भी मौके पर पहुंचे और घटना पर नाराजगी जताई। व्यापार महासंघ के जिला अध्यक्ष सुनील जागेटिया ने कहा- इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, इससे व्यापारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इलाके में पुलिस गश्त बहुत कम होती है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और नियमित गश्त बढ़ाई जाए।