चित्तौड़गढ़ के सदर थाना पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए बिना डॉक्यूमेंट्स के ले जाई जा रही करीब 20 किलो चांदी जब्त की है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार से 19 किलो 802 ग्राम वजन की 8 चांदी की सिल्लियां बरामद कीं। मामले में दो लोगों को मौके पर शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चांदी कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। शुरुआती जांच में चांदी के चोरी की होने की आशंका भी जताई जा रही है। नाका तोड़कर भागने लगे आरोपी जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जिले में अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए एएसपी मुकुल शर्मा और डीएसपी ब्रजेश सिंह के निर्देशन में सदर थाना पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत थाना प्रभारी प्रेमसिंह के सुपरविजन में एएसआई हिरालाल के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाई गई थी। बुधवार को पुलिस टीम हाईवे रोड स्थित धनेत पुलिया पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान नीमच से उदयपुर की तरफ जा रही एक अल्टो कार वहां पहुंची। पुलिस ने कार ड्राइवर को रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोका और नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा कर कार को रुकवाया और उसमें बैठे लोगों से पूछताछ शुरू की। कार की तलाशी में मिली 8 चांदी की सिल्लियां पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो उसमें 8 चांदी की सिल्लियां मिलीं। पुलिस ने कार में बैठे दोनों लोगों से चांदी के वैध डॉक्यूमेंट्स मांगे लेकिन कोई कागजात पेश नहीं कर पाए। इसके बाद पुलिस ने चांदी जब्त कर ली। जब्त की गई चांदी का कुल वजन 19 किलो 802 ग्राम बताया गया है। पुलिस का कहना है कि बिना दस्तावेजों के इतनी बड़ी मात्रा में चांदी ले जाई जा रही थी, इसलिए मामले को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की गई। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि चांदी वैध रूप से खरीदी गई थी या किसी चोरी अथवा अवैध गतिविधि से जुड़ी हुई है। दो लोगों को किया गिरफ्तार पुलिस ने मौके पर कार चालक मोहम्मद ईदरीश पुत्र गफूर बख्श शेख निवासी खेरोदा, जिला उदयपुर और उसके साथी मयंक कुमार सोनी निवासी अमरपुरा, खेरोदा हाल रावलीपोल भिंडर को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि चांदी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके। इस कार्रवाई में एएसआई हिरालाल के साथ कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, संजय और पुष्पेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही।