चित्तौड़गढ़ शहर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस ने नई पहल शुरू की है। नव नियुक्त कोतवाली थानाधिकारी रजनीश कुमार ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया कि अब पुलिस सिर्फ थाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोजाना शहर की सड़कों पर भी नजर आएगी। इसी के तहत पुलिस जाब्ते के साथ शहर के सबसे व्यस्त बाजारों, मुख्य चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त की गई। अपराध रोकने के साथ लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने पर जोर पैदल गश्त का उद्देश्य सिर्फ अपराध पर नजर रखना नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और छोटी-छोटी लापरवाहियों को समय रहते रोकना भी है। गश्त के दौरान पुलिस ने अलग-अलग इलाकों का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। दुकानदारों से बातचीत, CCTV चालू रखने की सलाह पुलिस की पैदल गश्त देहली गेट, पावटा चौक, गोल प्याऊ, सहकार सर्कल और किला रोड जैसे प्रमुख इलाकों में निकाली गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों से बातचीत की और अपने प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रखने की सलाह दी। खास तौर पर बैंक, एटीएम और ज्वेलरी दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। वाहन सुरक्षित पार्क करने और लोगों से फीडबैक लेने पर भी जोर गश्त के दौरान पुलिस ने लोगों से कहा कि वाहन हमेशा तय स्थान पर ही पार्क करें और उन्हें लॉक करके रखें, ताकि चोरी जैसी घटनाओं से बचा जा सके। पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फीडबैक भी लिया और उनकी समस्याएं सुनीं। 'आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय' के मंत्र पर होगा काम थानाधिकारी रजनीश कुमार ने कहा कि राजस्थान पुलिस का मूल मंत्र 'आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय' है और इसी सोच के साथ शहर में काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ज्यादा आवाजाही रहती है, इसलिए इन क्षेत्रों में पैदल गश्त शुरू की गई है। इससे ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखना आसान होगा, लोगों को सुरक्षा संबंधी जरूरी बातें समझाई जा सकेंगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कई बार छोटी-छोटी सावधानियां ही बड़े अपराधों को रोकने में मदद करती हैं। हर रोज अलग-अलग इलाकों में गश्त निकालने की तैयारी थानाधिकारी ने बताया कि पुलिस की यह पैदल गश्त नियमित रूप से जारी रखने की योजना है। यदि कोई विशेष कानून-व्यवस्था की ड्यूटी या अन्य जरूरी जिम्मेदारी नहीं हुई तो कोशिश रहेगी कि हर दिन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस पैदल गश्त करे। इससे पुलिस और आम लोगों के बीच सीधा संवाद बढ़ेगा, लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा और सड़क पर पुलिस की लगातार मौजूदगी से अपराधियों में भी डर बना रहेगा। आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की पैदल गश्त और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।