चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर ऑटो का चालान काटने की कार्रवाई के दौरान विवाद हो गया। ऑटो ड्राइवर ने जीआरपी के ASI पर थाने के अंदर ले जाकर मारपीट करने, पहले से घायल हाथ को जोर से मरोड़ने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि आपस में सिर्फ बहस हुई थी और पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद अजमेर जीआरपी SP के मौखिक आदेश पर संबंधित ASI को लाइन हाजिर कर दिया गया है। ऑटो की पिछली सीट हटाने से शुरू हुआ विवाद मोहर मंगरी निवासी साहिल पुत्र मुजीफ मोहब्बत ने बताया- मंगलवार रात वह अपने दिव्यांग कजिन को कोटा जाने वाली ट्रेन में बैठाने रेलवे स्टेशन गया था। कजिन को गोद में लेकर प्लेटफॉर्म तक छोड़ने के लिए उसने ऑटो बाहर खड़ा कर दिया। करीब 20 मिनट बाद वापस लौटा तो ऑटो की पिछली सीट गायब मिली। साहिल के मुताबिक, आसपास मौजूद लोगों से पूछने पर पता चला कि जीआरपी के पुलिसकर्मी सीट हटाकर ले गए हैं। इसके बाद वह पुलिसकर्मियों के पास पहुंचा और सीट के बारे में पूछा। पुलिसकर्मियों ने उसे बताया कि ऑटो नो पार्किंग में खड़ा था, इसलिए उसका चालान बनाया जाएगा। साहिल का कहना है कि पुलिस ने उससे नो पार्किंग के लिए 100 रुपए और प्लेटफॉर्म टिकट के 250 रुपए जमा कराने की बात कही। इस पर उसने कोई विरोध नहीं किया और चालान भरने के लिए तैयार हो गया। युवक का आरोप- थाने के अंदर ले जाकर की मारपीट साहिल ने आरोप लगाया कि इसी दौरान सिविल ड्रेस में जीआरपी के ASI नरेश कुमार वहां पहुंचे। साहिल का दावा है कि ASI नशे की हालत में थे और उन्होंने वहां मौजूद कॉन्स्टेबल को उसे अंदर ले जाने के लिए कहा। उसके मुताबिक, थाने के अंदर नाम-पता पूछने के बाद उसके साथ मारपीट की गई। साहिल ने बताया कि उसका एक हाथ पहले से घायल है, लेकिन उसी हाथ को जोर से मरोड़ा गया, जिससे दर्द बढ़ गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे गोली मारने तक की धमकी दी गई। साहिल का कहना है कि वहां मौजूद एक कॉन्स्टेबल ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। किसी तरह थाने से बाहर निकलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। सदर थाना बोला- जीआरपी थाने में ही दर्ज होगी रिपोर्ट घटना के बाद साहिल सदर थाने पहुंचा, लेकिन वहां मामला दर्ज नहीं हुआ। सदर थाने के ASI बलवंत सिंह ने बताया कि घटना जीआरपी थाने के अंदर हुई है और आरोप भी जीआरपी के ASI पर लगाए गए हैं। ऐसे में कानूनी कार्रवाई और रिपोर्ट जीआरपी थाने में ही दर्ज होगी। उन्होंने बताया कि यह मामला सदर थाने के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए वहां रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी। जीआरपी बोली- दोनों पक्षों में सिर्फ बहस हुई जीआरपी थाना प्रभारी सोमेंद्र कुमार ने बताया - युवक की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। आरोप कोई भी लगा सकता है, लेकिन अब तक मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच सिर्फ बहसबाजी हुई थी। पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। घटना के बाद अजमेर जीआरपी SP के मौखिक आदेश पर ASI नरेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।