चित्तौड़गढ़ में बीए सेकेंड सेमेस्टर एग्जाम देते हुए गुरुवार को एक फर्जी स्टूडेंट को पकड़ा है। मामला जिले के एक सरकारी कॉलेज का है। दरअसल, एक स्टूडेंट की जगह उसका नाबालिग भाई एग्जाम देने पहुंचा था। एग्जाम के दौरान सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन क्लास में जैसे ही फ्लाइंग टीम की एंट्री हुई और टीम ने पूछताछ शुरू की तो छात्र घबरा गया। सख्ती से सवाल करने पर उसने स्वीकार कर लिया कि वह अपने बड़े भाई की जगह एग्जाम दे रहा है। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। फ्लाइंग टीम की एंट्री हुई तो खुला राज कॉलेज प्राचार्य ने बताया- गुरुवार को दोपहर 3 से 6 बजे तक बीए सेकेंड सेमेस्टर के अंग्रेजी साहित्य (इंग्लिश लिटरेचर) का पेपर चल रहा था। इसी दौरान फ्लाइंग टीम एग्जाम की जांच के लिए पहुंची। टीम ने परीक्षार्थियों के डॉक्यूमेंट्स और पहचान की जांच शुरू की। एक छात्र से नाम और अन्य जानकारी पूछी गई तो वह घबरा गया। टीम को उस पर शक हुआ। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह असली परीक्षार्थी नहीं है, बल्कि अपने बड़े भाई की जगह एग्जाम देने आया है। डमी स्टूडेंट निकला 11वीं का छात्र प्राचार्य ने बताया- पूछताछ में सामने आया कि पकड़ा गया डमी परीक्षार्थी 11वीं कक्षा का छात्र है और अभी नाबालिग है। वह अपने बड़े भाई की जगह बीए सेकेंड सेमेस्टर की एग्जाम दे रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि प्रवेश पत्र पर लगी ब्लैक एंड व्हाइट फोटो के कारण पहली नजर में उसकी पहचान नहीं हो सकी। इसी वजह से परीक्षा शुरू होने से पहले की सामान्य जांच में वह पकड़ा नहीं गया, लेकिन फ्लाइंग टीम की सतर्कता से मामला सामने आ गया। पुलिस को सौंपा प्राचार्य ने बताया- मामले की जानकारी तुरंत सदर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर एएसआई हिम्मत सिंह कॉलेज पहुंचे और डमी छात्र को अपने साथ थाने ले गए। कॉलेज प्रशासन की ओर से पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया- इस मामले में पुलिस केस दर्ज किया जाएगा और यूनिवर्सिटी तथा कानून के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि एग्जाम की पारदर्शिता बनाएं रखने के लिए इस तरह के मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी छात्र दूसरे की जगह परीक्षा देने की कोशिश न करें।