चूरू के राजकीय मातृ शिशु अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान प्रसूता के कान से सोने के झुमके चोरी होने के मामले में अस्पताल प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, घटना के समय लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को हटाने के साथ 25 प्रतिशत स्टाफ बदलने का निर्णय लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में प्रसूता का कान कपड़े से ढका होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि झुमके किस समय गायब हुए। सीसीटीवी फुटेज से नहीं मिला स्पष्ट सुराग अस्पताल प्रशासन ने प्रसूता के परिजनों के साथ अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। फुटेज में प्रसूता का कान वाला हिस्सा कपड़े से ढका हुआ दिखाई दिया। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि लेबर रूम से बाहर निकलते समय या ऑपरेशन थिएटर में प्रवेश करते समय उसके कान में झुमके थे या नहीं। तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल उप अधीक्षक डॉ. इदरीश खान, नर्सिंग अधीक्षक और डॉ. जयसिंह की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह टीम मामले के सभी पहलुओं की जांच कर तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यदि जांच में लेबर रूम या ऑपरेशन थिएटर के किसी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के समय मौजूद स्टाफ हटाया गया घटना के समय लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर, वार्ड बॉय, वार्ड लेडी और स्वीपर को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर के 25 प्रतिशत स्टाफ को भी बदला जाएगा। हर छह माह में होगा स्टाफ परिवर्तन भविष्य में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रशासन ने लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर, वार्ड लेडी और स्वीपर का हर छह माह में स्थानांतरण करने का नियम लागू करने का निर्णय लिया है। पुलिस भी कर रही है जांच अस्पताल प्रशासन की आंतरिक जांच के साथ-साथ पुलिस भी पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।