चूरू में अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत रिश्वत मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। चूरू एसीबी की टीम ने बुधवार को यह कार्रवाई की। एसीबी टीम ने सहायक प्रोग्रामर विजय कुमार खैरीवाल, वरिष्ठ सहायक कुलदीप आलड़िया और निजी व्यक्ति बलबीर बिग्गा को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। यह कार्रवाई एसीबी एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा की अगुवाई में की गई। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने परिवादी से डॉ. सविता बेन अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की दूसरी किस्त जारी करवाने के बदले 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। परिवादी को राज्य सरकार की ओर से कुल 10 लाख रुपए की सहायता राशि मिलनी थी। परिवादी ने शिकायत में बताया कि योजना की पहली किस्त 2.50 लाख रुपए स्वीकृत हो चुकी थी, लेकिन दूसरी किस्त जारी करवाने के लिए आरोपी लगातार दबाव बना रहे थे। सत्यापन के दौरान 15 अप्रैल को 20 हजार रुपए पहले ही लिए जा चुके थे। इसके बाद एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कर जाल बिछाया। ट्रैप कार्रवाई के दौरान निजी व्यक्ति बलबीर बिग्गा को 15 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। रिश्वत की राशि उसकी पेंट की जेब से बरामद हुई। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।