अलवर के प्रसिद्ध जगन्नाथ जी मेले में शनिवार रात आस्था, उमंग और भक्ती का अलौकिक नजारा देखने को मिला। रूपबास स्थित मेले में देर रात 10 बजे भगवान जगन्नाथ और माता जानकी के विवाह की रस्म 'वरमाला महोत्सव' के साथ धूमधाम से संपन्न हुई। वरमाला का पावन दृश्य देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु देर रात तक डटे रहे। इस दौरान आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। शनिवार को दिनभर जगन्नाथ जी के मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शहर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों से पहुंचे लोगों ने भगवान के दर्शन किए और मेले में जमकर खरीदारी की। सोमवा शाम होगी रूपबास से वापसी शादी की रस्मों के बाद,सोमवार शाम को भगवान जगन्नाथ जी माता जानकी के साथ रूपबास से वापस अपने निज धाम (पुराने शहर स्थित जगन्नाथ मंदिर) के लिए प्रस्थान करेंगे। भगवान की यह वापसी यात्रा करीब 6 से 7 किलोमीटर के दायरे में भव्य मेले के रूप में निकलेगी। हर मंदिर में होगी आरती, देर रात तक जुटेंगे भक्त शोभायात्रा मार्ग में पड़ने वाले हर एक मंदिर के बाहर रथ रुकेगा और भगवान की भव्य आरती उतारी जाएगी। प्रभु की एक झलक पाने के लिए रास्ते भर हजारों भक्त देर रात तक टकटकी लगाए इंतजार करते नजर आएंगे। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए हैं।