नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं की राजनीति में सहभागिता बढ़ेगी। अधिनियम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी हक मिलेगा। इसके साथ ही शिक्षा, सुरक्षा, नीति निर्माण पर महिलाओं की सीधी भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। सीएम ने कहा, महिलाओं की लोकतंत्र में भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री का यह निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं से इस अधिनियम के समर्थन में 9667173333 नम्बर पर मिस्ड कॉल करने का आह्वान भी किया। सीएम ने कहा कि आधी आबादी घर को संभालने के साथ ही देश-प्रदेश के विकास में भी हिस्सा ले रही है। आज महिलाएं स्टार्टअप, शिक्षा, खेल, पुलिस से लेकर विज्ञान समेत कई क्षेत्रों में प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनाया गया है। सीएम ने जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए हैं। दियाकुमारी बोलीं- सामाजिक क्रांति साबित होगा कानून डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की हर योजना में नारी शक्ति केंद्र में है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम आने वाले समय में देश में बड़ा सामाजिक क्रांति बन जाएगा। इस अधिनियम से नीतियों में महिलाओं के दृष्टिकोण को प्राथमिकता मिलेगी। देश की माता-बहनें हर योजना व हर निर्णय में शामिल होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में सिग्नेचर वॉल पर हस्ताक्षर किए तथा मुख्यमंत्री के साथ छात्राओं ने सेल्फी पॉइंट पर सेल्फी भी ली। सम्मेलन में महिला बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, सांसद मंजू शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव पूनम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। प्रदेश में 16 लाख ‘लखपति दीदी’, लाडो से 6.50 लाख बालिकाओं को लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 20 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर 16 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाई गईं हैं। लाडो प्रोत्साहन योजना से 6 लाख 50 हजार बालिकाओं को फायदा दिया गया है।