कोटा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र नागर ने निरीक्षण करने पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैथून एवं शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर काला तलाव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई और उपचार प्रणाली का गहन निरीक्षक किया। सीएचसी कैथून प्रभारी डॉ. राजेश सामर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बात कर उन्हें मिल रही सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। इनका निरीक्षण किया जननी सुरक्षा वार्ड, एनबीएसयू (न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट), लेबर रूम, दवा भंडार कक्ष, जनरल वार्ड, लैब, आयुष्मान आरोग्य योजना कक्ष, एनसीडी काउंटर, ओआरएस कॉर्नर, पंजीयन काउंटर तथा आउटडोर सेवाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया गया। सीएमएचओ ने चिकित्सकों और स्टाफ को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान आयुष्मान आरोग्य योजना की भी समीक्षा की गई। सीएमएचओ ने निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार से संबंधित सभी डाटा सही और स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं, जिससे किसी भी प्रकार का क्लेम निरस्त नहीं हो। अस्पताल में ही निपटाएं सामान्य केस डॉ. नरेंद्र नागर ने निरीक्षण के दौरान लेबर रूम का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान लेबर रूम प्रभारी को निर्देशित किया गया कि अनावश्यक डिलीवरी केसों को उच्च केंद्रों पर रेफर नहीं किया जाए और सामान्य मामलों का इलाज स्थानीय अस्पताल स्तर पर ही किया जाए। इससे मरीजों को अनावश्यक परेशानी और आर्थिक बोझ से बचाया जा सकेगा। एंबुलेंस सेवा को प्रभावी बनाने के निर्देश सीएचसी परिसर में स्थित चिकित्सा कर्मचारियों के आवासों की खराब स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। इस पर सीएमएचओ ने आश्वासन दिया कि जिन भवनों की मरम्मत हो सकती है उनकी मरम्मत करवाई जाएगी। सीएमएचओ ने 108 एम्बुलेंस सेवा का ऑनलाइन निरीक्षण करते हुए उसमें उपलब्ध फर्स्ट एड किट, दवाइयों और अन्य संसाधनों की स्थिति की समीक्षा की। एम्बुलेंस स्टाफ को सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।