सवाई माधोपुर के सीएमएचओ कार्यालय में मेनपावर सप्लाई का कार्य करने वाली संस्था के लाइसेंस की वैधता समाप्त हुए सात माह बीत चुके हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं थी। वहीं संस्था भी बिना लाइसेंस नवीनीकरण के लगातार कार्य करती रही। मामला सामने आने के बाद अब सीएमएचओ ने श्रम विभाग को पत्र लिखकर लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने का कारण पूछने की बात कही है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई थी लाइसेंस की वैधता विभागीय सूत्रों के अनुसार महात्मा गांधी श्रमिक ठेका सहकारी समिति लिमिटेड, कोटा सीएमएचओ कार्यालय के अधीन मेनपावर सप्लाई का कार्य कर रही है। ठेका प्रक्रिया के दौरान संस्था ने जो लाइसेंस संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, उनकी वैधता 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद संस्था पिछले सात माह से बिना वैध लाइसेंस के सीएमएचओ कार्यालय में मेनपावर सप्लाई का कार्य करती रही। विभागीय अधिकारियों को नहीं लगी जानकारी मामले में सबसे अहम बात यह रही कि विभागीय अधिकारियों को भी यह पता नहीं चल पाया कि संस्था के लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है। शिकायत मिलने के बाद विभाग सक्रिय हुआ और मामले की जानकारी जुटाई गई। अब श्रम विभाग से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण मामला सामने आने के बाद सीएमएचओ कार्यालय ने श्रम विभाग से संपर्क करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस का नवीनीकरण क्यों नहीं हुआ और संस्था बिना वैध लाइसेंस के कैसे कार्य करती रही, इसकी जानकारी ली जाएगी। सीएमएचओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि महात्मा गांधी श्रमिक ठेका सहकारी समिति लिमिटेड, कोटा को सभी दस्तावेजों की जांच के बाद मेनपावर सप्लाई का ठेका दिया गया था। उन्होंने कहा कि संस्था के लाइसेंस की वैधता समाप्त होने की जानकारी मिली है। इस संबंध में श्रम विभाग को पत्र लिखकर नवीनीकरण नहीं होने के कारणों की जानकारी मांगी जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।