जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुधवार को कलेक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की शुरुआत में कलेक्टर अग्रवाल ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। कलेक्टर ने प्रमुख सड़क मार्गों पर नियमों के विपरीत किए गए निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध निर्माण न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ाते हैं। साथ ही उन्होंने आवश्यकतानुसार सड़कों की मरम्मत और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर निर्माण के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर ने ‘गुड सेमेरिटन’ योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों को राज्य सरकार के प्रावधानों के अनुसार सम्मानित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और अधिक लोग मदद के लिए आगे आएंगे। सड़क सुरक्षा को लेकर इंजीनियरिंग सुधारों पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की एक संयुक्त कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। यह कमेटी जिले के ब्लैक स्पॉट्स का निरीक्षण कर वहां सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा, प्रशिक्षु आईएएस सृष्टि डबास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा, पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता (सिटी) अभिनंदन कुमार जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।