कोटा में कांग्रेस नेत्री अर्चना शर्मा ने कहा- भारतीय जनता पार्टी, महिला आरक्षण पर झूठ और भ्रमजाल फैलाकर राजनीति का खेल कर रही है। मोदी सरकार के मन मे महिलाओं के प्रति कपट था। इसको परिसीमन से जोड़ना चाहती थी। मोदी सरकार अपनी कारगुजारियों को छिपाने के लिए जगह जगह महिलाओं की आड़ में झूठा भ्रामक प्रचार कर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सबसे बड़ी महिला नेता आज घर पर बैठी है। ये कैसा महिला सशक्तिकरण है? गुमानपुरा स्थित कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी कीओर से आयोजित प्रेसवार्ता में शहर अध्यक्ष राखी गौतम,देहात अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। लोकसभा में विपक्षी पार्टियों ने बिल विरोध किया पीसीसी द्वारा नियुक्त समन्वयक डॉ अर्चना शर्मा ने कहा- बंगाल चुनाव से ठीक पहले नारी शक्ति वंदन बिल लाया गया। जिसमे अनेक खामियां थी। ये बिल ऐसे समय पर लाया गया। जब दो बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने थे। देश मे जनगणना चल रही है। परिसीमन की शर्तों से इस बिल को जोड़ दिया। जिसका साफ मतलब था कि ये दोनों प्रक्रिया पूरी न हो तब तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लाभ से वंचित रहे। इस बिल के माध्यम से मोदी सरकार महिलाओं से साथ कुठाराघात करना चाहती थी। इसलिए ये बिल लोकसभा में गिरा। लोकसभा में सभी विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया कि इसको जनगणना एवं परिसीमन से ना जोड़ा जाए, इसको सीधा लागू करे। हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है कांग्रेस पार्टी कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने कहा- कांग्रेस पार्टी हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। 1992 में कांग्रेस ने नगर निकाय एवं पंचायतों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया था। बीजेपी हमेशा महिला विरोधी रही है। कांग्रेस पार्टी ने 2023 में अपना समर्थन देकर संसद में पारित करवाया। मोदी सरकार ने चुनावों में फायदे के चलते 30 महीनों टक लटकाएं रखा। मोदी सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। गुमराह कर महिला बिल को अटकना चाहती है सरकार कांग्रेस के देहात अध्यक्ष भानू प्रताप ने कहा- मोदी सरकार महिला आरक्षण को वर्तमान स्थिति को देखकर लोकसभा में 543 सीटों,विधानसभा में भी 33 प्रतिशत आरक्षण देगी तो हम पूरा समर्थन करेंगे। इसको परिसीमन व जनगणना की शर्तों में जोड़कर गुमराह कर महिला बिल को अटकना चाहती है तो हम सब मिलकर इसका विरोध करेंगे।