भास्कर न्यूज| झालावाड़ शिक्षा विभाग के जरिए जिले में स्कूलों के विकास के लिए आर्थिक मदद देने वाले भामाशाहों के सम्मान में सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में सम्मान समारोह हुआ। कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ मुख्य अतिथि रहे। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा में दिया योगदान समाज के भविष्य को संवारता है। स्कूलों के विकास के लिए आर्थिक सहयोग दान नहीं, यह पुण्य है। यह सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भामाशाहों के सहयोग से स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ती हैं। विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिलता है। कलेक्टर ने कहा कि समाज और प्रशासन के साथ मिलकर शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने भामाशाहों का आभार जताया। अन्य लोगों से भी शिक्षा के लिए आगे आने की अपील की। सीडीईओ रामसिंह मीणा ने अतिथियों और भामाशाहों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जिले में कई भामाशाह स्कूलों के विकास में बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं। सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सहयोगकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता जताई। इनका भी रहा योगदान प्रेरक श्रेणी में भी भामाशाहों को सम्मानित किया गया। राजेन्द्र कुमार सामरिया ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरोलाकला, खानपुर में दो कक्ष और बरामदा निर्माण के लिए 22.60 लाख रुपए के दान के लिए भामाशाह को प्रेरित किया। मोहम्मद नावेद अंसारी की ओर से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मंगलपुरा, झालावाड़ के विकास के लिए 7 लाख रुपए के सहयोग के लिए भामाशाह को प्रेरित किया गया। विनय मालव ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सारोलाकला,खानपुर में दो कक्ष मय बरामदा निर्माण के लिए 22.60 लाख रुपए का सहयोग दिया। फरनिश कुमार विजय ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पचपहाड़ के विकास में 3.20 लाख रुपए का सहयोग किया। सत्यनारायण लोहार ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगधार डग में जल मंदिर निर्माण और विद्यालय विकास के लिए 2.00 लाख रुपए दिए। परमानन्द गुर्जर ने राउप्रावि नलखेड़ी, राउमावि झीझनी, राउमावि मिश्रोली, पीएमश्री भवानीमंडी विद्यालय में 1.63 लाख रुपए का सहयोग किया। मोरसिंह ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपलोदी-मनोहरथाना के लिए 1.08 लाख रुपए दिए। कैलाश बाई लोधा ने स्वामी श्री रामेश्वर आश्रम राउमावि गुरूकुल बकानी के विकास के लिए 1.04 लाख रुपए का सहयोग किया। घनश्याम गुर्जर ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भूमाड़ा़-बकानी के विकास के लिए 1.00 लाख रुपए दिए।