राजस्थान के निकाय चुनाव के नतीजे आते ही सियासत में शह-मात का खेल ‘पहरा और पावर से आगे बढ़कर अब पैसा’ तक पहुंच गया है। 5 नगर निगमों और 28 नगर परिषदों में भाजपा-कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश नहीं मिला है। इसी तरह नगर पालिकाओं के 2,273 वार्डों में भी निर्दलीय जीते हैं। अब अपना बोर्ड और अपना मेयर-चेयरमैन बनाने के लिए इन पार्षदों को किसी भी तरह अपने पक्ष में लाने की सियासत हो रही है। अपने पार्षद बचाने हैं और अन्य पार्षद चुराने-साथ लाने भी हैं। शहर सरकार बनानी है तो कीमत भी चुकानी है। आरोप खुलकर आ गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तो भाजपा पर सीधा आरोप जड़ दिया है। वे बोले हैं- मुख्यमंत्री कार्यालय के बड़े अधिकारी जिलाधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं। पार्षदों को करोड़ों रुपये घूस दी जा रही है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने गहलोत को जवाब दिया है- गहलोत ने अपनी सरकार बचाने के लिए बीटीपी विधायकों को खरीदा था, कौन भूल सकता है? वो यही करते आए हैं, तो उन्हें यही दिखता है। इस बीच गुरुवार रात को बड़ी खबर जोधपुर से आई। पहले तो भाजपा ने एक और वार्ड जीतकर कांग्रेस के साथ 44-44 के टाई मैच को जीता और 45 पार्षदों की सबसे बड़ी पार्टी बनी और रात को 7 निर्दलीय उसके साथ आ गए। जोधपुर निगम भाजपा का हो गया। भरतपुर, अजमेर, पाली में अभी स्थिति साफ नहीं हुई है कि किसका मेयर होगा। छोटे शहरों में निवाई नगर पालिका, फागी समेत 145 जगहों पर पार्षदों को पहरे में रखा गया है। पावर और पैसे का खेल जारी है। प्रदेशभर में 15 हजार से अधिक की बाड़ेबंदी चल रही है। भाजपा करोड़ों बांट रही; कांग्रेस रोड शो करती तो हमारे नतीजे और भी अच्छे होते: गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुुरुवार को प्रेसवार्ता में कहा... बीजेपी दूसरे दलों के पार्षदों को रिश्वत बांट रही है। राजस्थान में लोकतंत्र की सरेआम लूट चल रही है। कलेक्टरों और एसडीएम को धमकाया जा रहा है कि कैसे भी करके भाजपा का बोर्ड बनवाएं? मेयर और चेयरमैन बनाने के लिए भाजपा निर्दलीय और दूसरे दलों के पार्षदों को करोड़ों रुपए की रिश्वत बांट रही है। जो नहीं मानते उन्हें पुलिस भेजकर जबरन उठवाया जा रहा है। अगर पीसीसी कोई प्रोग्राम बनाती, प्रचार के लिए सब नेता जाते। रोड शो का जवाब रोड शो से देते तो हमारे अच्छे नतीजे आ सकते थे। कई निगमों में हमारी स्थिति और अच्छी होती। गहलोत ने सरकार बचाने के लिए विधायक खरीदे थे : बेढ़म गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने गहलोत को जवाब दिया है… गहलोत ने आधारहीन आरोप लगाए हैं। सब को याद है कि जब गहलोत की सरकार टूट रही थी तो विधायकों को बाड़ेबंदी में रखा। बीटीपी विधायकों को खरीद कर सरकार बचाई थी। उनके मंत्री महेश जोशी आज भी जल जीवन मिशन घोटाले में जेल में बंद हैं। जोधपुर भाजपा का; 7 निर्दलीय साथ आए, मेयर भाजपा का ही होगा सबसे रोमांचक मुकाबला जोधपुर नगर निगम का है। यहां भाजपा और कांग्रेस 44-44 पर अटकी थी। गुरुवार को भाजपा 45 पर आ गई थी। बहुमत के लिए 51 पार्षद चाहिए... 7 निर्दलीय गुरुवार रात ही भाजपा में शामिल हो गए। अब सियासत के दिग्गजों के शहर में भाजपा का मेयर बनना तय हो गया है। दो और पार्षद भाजपा के साथ आने की बात चल रही है। 305 निकायों में चेयरमैन-मेयर के लिए 817 प्रत्याशी मैदान में निकाय चुनाव के तहत चेयरपर्सन (अध्यक्षीय पद) पद के लिए नामांकन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण संपन्न हो चुका है। अब तक 958 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। जांच के दौरान 88 फॉर्म निरस्त किए गए हैं, जिसके बाद वर्तमान में 309 में से 305 के लिए 817 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। वोटिंग 21 सितंबर को है।